जशपुर पुलिस का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड जारी, अपराध नियंत्रण से लेकर मानवता के उदाहरण तक 2025 रहा प्रभावशाली वर्ष

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जशपुर पुलिस का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड जारी, अपराध नियंत्रण से लेकर मानवता के उदाहरण तक 2025 रहा प्रभावशाली वर्ष


जशपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में की गई कार्यवाहियों का विस्तृत लेखा-जोखा जारी करते हुए आज बताया कि बीते वर्ष अपराध नियंत्रण, त्वरित विवेचना, संगठित अपराधों के खुलासे, जनसुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गईं। वर्ष 2025 में जिले में कुल 2097 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें से 1931 मामलों का निराकरण किया गया। वहीं वर्ष 2024 एवं उससे पूर्व के 289 लंबित प्रकरणों में से 231 मामलों का निपटारा किया गया। इस प्रकार कुल 2386 प्रकरणों में से 2162 का निराकरण कर जशपुर पुलिस ने 92.08 प्रतिशत की प्रभावी निपटान दर दर्ज की।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में हत्या के 58 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 53 मामलों का खुलासा कर 66 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, इनमें 32 मामले पारिवारिक विवाद से जुड़े थे। हत्या के प्रयास के 24 प्रकरणों में 22 मामलों का निराकरण करते हुए 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चोरी के 128 मामलों में 38 प्रकरणों का खुलासा कर 99 आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि लूट के 17 मामलों में 14 प्रकरणों में 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। दुष्कर्म के 154 मामलों में 142 प्रकरणों में 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मानव तस्करी का एक मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया।

अवैध नशे और तस्करी के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” के तहत 266 प्रकरणों में लगभग पौने चार करोड़ रुपये मूल्य की 25,638 लीटर शराब और तस्करी में प्रयुक्त 11 वाहन जब्त किए गए। इसमें पंजाब से बिहार तस्करी कर ले जाए जा रहे चार ट्रकों से 3.51 करोड़ रुपये मूल्य की 21,027 लीटर अंग्रेजी शराब भी शामिल है। एनडीपीएस एक्ट के तहत 27 मामलों में 45 आरोपियों से करीब 2.21 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा, ब्राउन शुगर, कफ सिरप और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। जशपुर जिले में पहली बार सफेमा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुख्यात गांजा तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त कर फ्रीज कराई गई।

“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत गुम हुए 154 बच्चों में से 146 बच्चों को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। “ऑपरेशन शंखनाद” के अंतर्गत गौ-तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 144 प्रकरणों में 239 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1493 गौवंश और लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य के 70 वाहन जब्त किए गए। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत वर्षों से फरार 68 आरोपियों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया, जिनमें 22 साल से फरार लूट का आरोपी, हत्या-डकैती के मामले और करोड़ों की ठगी में शामिल आरोपी शामिल हैं।

वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं के 458 मामले दर्ज हुए, जिनमें 310 लोगों की मौत और 206 लोग घायल हुए। यातायात नियमों के उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 20,150 प्रकरण दर्ज किए गए। हत्या, बलात्कार, अपहरण और पोक्सो एक्ट जैसे गंभीर 62 मामलों में प्रभावी पैरवी के चलते अदालतों द्वारा आजीवन कारावास सहित कठोर सजाएं सुनाई गईं।

जशपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में कई सनसनीखेज मामलों का खुलासा किया, जिनमें 150 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय ठगी, 54 करोड़ की चिटफंड धोखाधड़ी, जादुई कलश और नकली सोने के नाम पर करोड़ों की ठगी, ग्राहक सेवा केंद्र लूट व गोलीकांड, तिहरे हत्याकांड, प्रेम संबंधों से जुड़े जघन्य अपराध और मादक पदार्थों की बड़ी खेप की बरामदगी शामिल है। साइबर अपराधों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ितों को आंशिक राहत राशि भी लौटाई गई।

मानव तस्करी के विरुद्ध भी जशपुर पुलिस ने सख्त और संवेदनशील रुख अपनाया। थाना बागबहार के एक प्रकरण में आरोपी द्वारा ग्राम कुकुरभुका की दो नाबालिग बालिकाओं को अच्छे काम और पैसे का लालच देकर कर्नाटक ले जाकर गन्ना बागान में काम कराने का मामला सामने आया, जिसमें पुलिस ने दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मानव तस्करी की पीड़ा और उससे मुक्ति के संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए जशपुर में “कजरी – द बैटल फॉर फ्रीडम” नामक शॉर्ट फिल्म का निर्माण किया गया, जिसमें एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मानव तस्करी गैंग के भंडाफोड़ की कहानी दिखाई गई है। वहीं जशपुर पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए एक वर्ष से अधिक समय से भटक रही मानसिक रूप से कमजोर युवती का उपचार कराकर उसे उसके परिजनों से मिलवाया, जो बलरामपुर जिले की निवासी थी।

छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव रायपुर में नए आपराधिक कानूनों पर आधारित पुलिस पंडाल और ज्ञानवर्धक नाट्य प्रस्तुति भी जशपुर पुलिस की महत्वपूर्ण पहल रही, जिसका मुख्यमंत्री ने स्वयं अवलोकन किया। इसके साथ ही यूनिसेफ के सहयोग से “ClickSafe” अभियान के तहत साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।

जशपुर पुलिस ने वर्ष 2026 के लिए अपनी आगामी कार्ययोजना भी साझा की है, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने के लिए यातायात जागरूकता, नशा मुक्ति, हेलमेट और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती, महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, चलित थाना के माध्यम से त्वरित शिकायत निराकरण, स्थानीय कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करना, जनसहयोग से सुरक्षित समाज की दिशा में कार्य करना और लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देना शामिल है।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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