जशपुर : प्रेम प्रसंग के चलते युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या, सगे भाई सहित तीन गिरफ्तार

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जशपुर : प्रेम प्रसंग के चलते युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या, सगे भाई सहित तीन गिरफ्तार


अंबिकापुर, 29 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पत्थलगांव थाना क्षेत्र के जामजूनवानी (खारापारा) गांव में एक युवक की पत्थर से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या की वजह चार साल पुराना प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश बताई जा रही है।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पत्थलगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मामले के महज कुछ ही घंटों के भीतर एक नाबालिग सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए खून से सने पत्थर को भी अपने कब्जे में ले लिया है। पकड़े गए आरोपितों में दो सगे भाई जयलाल एक्का (34 वर्ष) और जयमन एक्का (36 वर्ष) शामिल हैं, जबकि उनका एक 17 वर्षीय नाबालिग साथी भी इस जघन्य अपराध में शामिल था।

इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत 27 मई की रात करीब 11 बजे हुई। जामजूनवानी गांव की रहने वाली जानकी लकड़ा ने अपने घर के बाहर अचानक शोर-शराबा सुना। जब वह बाहर निकलीं तो उन्होंने देखा कि गांव के ही जयलाल, जयमन और उनका एक नाबालिग साथी मिलकर सुशील खलखो (34 वर्ष) नाम के युवक की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे। देखते ही देखते आरोपितों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और सुशील का सिर जमीन पर पटकने के बाद पास ही पड़े भारी पत्थर से कुचल दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण सुशील ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए, जिसके बाद चश्मदीद महिला ने तुरंत पत्थलगांव पुलिस को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही पत्थलगांव थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में ग्रामीणों ने जो खुलासे किए, उसने हत्या के पीछे की पूरी कड़वी हकीकत को सामने ला दिया।

पुलिस जांच में पता चला कि मृतक सुशील खलखो और मुख्य आरोपित जयलाल एक्का की पत्नी के बीच पिछले 3-4 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ समय पहले जयलाल की पत्नी की शिकायत पर ही सुशील को जेल भी जाना पड़ा था। करीब डेढ़ महीने पहले जब सुशील जमानत पर जेल से बाहर आया, तो दोनों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो गई। इस बात से नाराज होकर जयलाल के पिता ने गांव में एक सामाजिक बैठक (पंचायत) बुलाई थी। इस बैठक में जयलाल की पत्नी ने अपने पति को छोड़कर प्रेमी सुशील के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद समाज की सहमति से उसे सुशील के हवाले कर दिया गया था। तभी से दोनों साथ रह रहे थे, लेकिन जयलाल और उसका परिवार इस सामाजिक फैसले के बाद भी भीतर ही भीतर सुलग रहा था। इसी खुन्नस और बदनामी का बदला लेने के लिए आरोपिताें ने घात लगाकर सुशील को मौत के घाट उतार दिया।

जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों आरोपितों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दोनों वयस्क आरोपितों को कोर्ट में पेश कर आज शुकवार काे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि कानून से संघर्षरत नाबालिग किशोर को बाल संप्रेषण गृह (रिमांड होम) भेजा गया है। पुलिस फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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