जशपुर : आधुनिक हथकरघा तकनीक से संवर रही नारी शक्ति, घोलेंग में तैयार हो रहा आजीविका का नया मॉडल
जशपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की पारंपरिक बुनकर कला को आधुनिक बाजार की मांग से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल शुरू हुई है। इसी क्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने जशपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घोलेंग स्थित 'वीवर्स ट्रेनिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर' का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आजीविका परिसर में संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।
जिला प्रशासन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और आदित्य बिड़ला समूह के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस केंद्र में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आधुनिक मशीनों के संचालन के साथ-साथ बाजार की मांग के अनुरूप हथकरघा वस्त्र निर्माण और सिलाई का उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में इस केंद्र से पारंपरिक बुनाई कार्य से जुड़े 35 से 40 परिवारों एवं महिला समूहों को सीधे जोड़ा गया है, जहाँ वे उच्च गुणवत्ता वाले शॉल, साड़ियां और अन्य वस्त्र तैयार कर रही हैं।
घोलेंग आजीविका परिसर में स्थापित हो रहे इस हैंडलूम प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बुनकरों को आधुनिक मशीनरी, लैब टेस्टिंग, नवीन डिजाइनिंग और सशक्त बाजार लिंकेज उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, आदित्य बिड़ला समूह के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में समूह से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं। पारंपरिक शिल्प को आधुनिकता का रूप देकर स्थानीय आजीविका को नई उड़ान देने की यह पहल जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

