जशपुर : बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने पर 10 लाख तक का जुर्माना, 30 जून को लगेगा विशेष पंजीकरण शिविर

WhatsApp Channel Join Now
जशपुर : बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने पर 10 लाख तक का जुर्माना, 30 जून को लगेगा विशेष पंजीकरण शिविर


जशपुर, 29 जून (हि.स.)। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने और स्थानीय खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर में एक विशेष पहल की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के दिशा-निर्देशों तथा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रोहित व्यास के कुशल मार्गदर्शन में आगामी 30 जून को जिला पंचायत कार्यालय के संवाद सभागार में एक विशाल एफएसएसएआई खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया जाएगा।

सुबह 11:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक निरंतर चलने वाले इस शिविर में व्यापारियों को नए लाइसेंस जारी करने, पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण, आवश्यक संशोधनों तथा आवेदन की तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी देने के साथ मौके पर ही प्रशासनिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह शिविर जिले के हर छोटे-बड़े खाद्य व्यवसायी के लिए अत्यंत कल्याणकारी साबित होगा। इसके दायरे में किराना दुकान संचालक, खुदरा एवं थोक व्यापारी, डिस्ट्रीब्यूटर, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, डेयरी, कैटरर्स, फल-सब्जी विक्रेता, मेडिकल शॉप, मटन-चिकन शॉप, राइस मिलर्स, सूक्ष्म एवं लघु खाद्य उद्योग तथा सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले स्ट्रीट फूड वेंडर्स भी शामिल हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी ने व्यापारिक संगठनों और सभी संस्थाओं से अपील की है कि वे इस एक दिवसीय शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समय रहते अपने कानूनी दायित्वों को पूरा करें ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।

कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने सचेत किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा विनियम, 2011 की धारा 31 (1) एवं (2) के तहत देश में किसी भी व्यक्ति को बिना वैध खाद्य लाइसेंस अथवा आधिकारिक पंजीयन के किसी भी प्रकार का खाद्य व्यवसाय शुरू करने या उसे संचालित करने की अनुमति नहीं है। अधिनियम की धारा 63 के अंतर्गत यदि कोई भी संचालक बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का निर्माण, विक्रय, भंडारण या वितरण करते हुए पाया जाता है, तो उस पर 10 लाख रुपये तक के भारी अर्थदंड का कानूनी प्रावधान है। यही वजह है कि जिला प्रशासन इस शिविर के माध्यम से व्यवसायियों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देना चाहता है।

शिविर के दौरान विभाग द्वारा व्यापारियों की टर्नओवर क्षमता के अनुसार दो अलग-अलग वर्गों में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत सालाना 1.50 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले सूक्ष्म एवं लघु खाद्य कारोबारियों को पंजीयन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, जबकि 1.50 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक के वार्षिक टर्नओवर वाले मध्यम एवं बड़े खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई खाद्य लाइसेंस प्राप्त करने की जटिल ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियाओं को बेहद सरल तरीके से समझाया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पुनः दोहराया है कि सभी पात्र व्यवसायी नियत तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी लाइसेंसिंग और पंजीकरण संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण करें तथा सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य व्यवसाय संचालन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

Share this story