जांजगीर-चांपा में टीबी उन्मूलन के लिए ‘जोश’ टीमों का अभियान शुरू, मरीजों को बांटी गई फूड किट

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जांजगीर-चांपा में टीबी उन्मूलन के लिए ‘जोश’ टीमों का अभियान शुरू, मरीजों को बांटी गई फूड किट


जांजगीर-चांपा, 8 अक्टूबर (हि. स.)। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जांजगीर-चांपा जिले में टीबी के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के लिए ‘जोश’ (जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीमों के राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत हुई। नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अभियान का शुभारंभ किया, जिसका वर्चुअल प्रसारण जिला पंचायत जांजगीर के सभाकक्ष में आज गुरुवार काे किया गया। कार्यक्रम में सांसद कमलेश जांगड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

‘जोश’ अभियान के तहत युवा स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स और शासकीय अधिकारियों को टीम के रूप में जोड़ा गया है। ये टीमें जिले में लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, बचाव, समय पर जांच, नियमित उपचार और दवाओं का पूरा कोर्स करने के लिए जागरूक करेंगी। इसके साथ ही टीबी को लेकर समाज में मौजूद भ्रम और भ्रांतियों को दूर कर बीमारी के प्रति सही जानकारी और सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। समय पर बीमारी की पहचान, जांच और नियमित उपचार से मरीज स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच और उपचार के लिए आगे आएं और जरूरतमंद मरीजों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार की जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि समय पर मरीज की पहचान कर उसका उपचार शुरू किया जा सके।

जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान को जनअभियान का स्वरूप देने की आवश्यकता है। टीबी से प्रभावित व्यक्ति को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने के साथ सामाजिक और भावनात्मक सहयोग देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

जिला पंचायत सदस्य आशा साव ने कहा कि ‘जोश’ अभियान के माध्यम से टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और नियमित उपचार के संबंध में लोगों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की जरूरत बताई।

कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों के उपचार के साथ उनके पोषण और सामाजिक सहयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। अतिथियों ने टीबी मरीजों को पोषण सहयोग के रूप में फूड किट वितरित की। वहीं, अपनी पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। उन्हें अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य महादेव नेताम, संतोषी रात्रे, जनपद पंचायत बम्हनीडीह सदस्य अमिता लहरे, जिला पंचायत सीईओ विनय पोयाम, सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव, डीपीएम उत्कर्ष तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स तथा माय भारत के वालंटियर मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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