जम्मू कश्मीर के आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के 21 वर्षीय युवक दीपक रात्रे की हत्या से गांव में शोक की लहर

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जम्मू कश्मीर के आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के 21 वर्षीय युवक दीपक रात्रे की हत्या से गांव में शोक की लहर


जम्मू कश्मीर के आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के 21 वर्षीय युवक दीपक रात्रे की हत्या से गांव में शोक की लहर


जांजगीर-चांपा, 1 अगस्त (हि. स.)। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के 21 वर्षीय युवक दीपक रात्रे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आतंकियों ने ईंट भट्ठे में काम कर रहे मजदूरों की पहचान पूछने के बाद उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सक्ती जिले के बुंदेली और हरदीडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे में शुक्रवार देर शाम कुछ आतंकी पहुंचे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों से पहले उनका नाम और पहचान पूछी, इसके बाद अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली निवासी दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि दीपक रात्रे बचपन से ही अपने मामा के घर जैजैपुर क्षेत्र के हरदीडीह गांव में रहकर पढ़ाई-लिखाई कर रहा था। उसकी शादी भी मामा के घर से ही हुई थी। करीब एक वर्ष पहले वह अपनी पत्नी और भाई के साथ रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर गया था। वहां वह ईंट भट्ठे में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।

घटना की जानकारी देर रात सक्ती प्रशासन को मिली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम मृतक के परिजनों के घर पहुंची और उन्हें घटना की सूचना दी। जैसे ही परिवार को दीपक की मौत की खबर मिली, घर में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

जिला प्रशासन ने मृतक का पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर से सक्ती लाने के लिए शासन स्तर पर समन्वय शुरू कर दिया है। प्रशासन लगातार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है ताकि जल्द से जल्द पार्थिव शरीर परिजनों तक पहुंचाया जा सके।

घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी मदद और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की है।

यह घटना एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में बाहरी राज्यों से काम करने गए मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। दीपक रात्रे की असमय मौत से सक्ती जिले में शोक और आक्रोश का माहौल है।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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