सूरजपुर जिला जेल में 35 बंदियों ने सीखा अगरबत्ती, साबुन और हैंडवॉश बनाना, कौशल प्रशिक्षण संपन्न

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सूरजपुर जिला जेल में 35 बंदियों ने सीखा अगरबत्ती, साबुन और हैंडवॉश बनाना, कौशल प्रशिक्षण संपन्न


सूरजपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। सूरजपुर जिला जेल सूरजपुर में बंदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज सोमवार 13 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। सेंट्रल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में 35 बंदियों ने अगरबत्ती, साबुन और हैंडवॉश निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

जेल अधीक्षक विक्रम गुप्ता के मार्गदर्शन में 2 जुलाई से 13 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को कम लागत में स्वरोजगार शुरू करने, उत्पाद निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, विपणन और बैंकिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

आरसेटी के निदेशक अशोक कुमार राणा, फैकल्टी परमानंद और मयंक तिवारी तथा प्रशिक्षक भगवंती ने बंदियों को उद्यमिता विकास, वित्तीय साक्षरता और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी 35 प्रतिभागियों का लिखित और प्रायोगिक मूल्यांकन कराया गया। इसके बाद सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

जेल अधीक्षक विक्रम गुप्ता ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और रिहाई के बाद उन्हें आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।

आरसेटी के निदेशक अशोक कुमार राणा ने बताया कि संस्थान प्रशिक्षण के बाद भी बैंक लिंकेज, ऋण सुविधा और दो वर्ष तक हैंडहोल्डिंग सहायता उपलब्ध कराकर स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि अगरबत्ती और साबुन निर्माण जैसे लघु उद्योगों के माध्यम से प्रशिक्षित व्यक्ति प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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