शाला प्रवेशोत्सव के आमंत्रण पत्र से जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू का नाम गायब, राजनीतिक भेदभाव के आरोप

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शाला प्रवेशोत्सव के आमंत्रण पत्र से जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू का नाम गायब, राजनीतिक भेदभाव के आरोप


जांजगीर-चांपा, 22 जून (हि. स.)। शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 के आयोजन से पहले जारी आमंत्रण पत्र को लेकर जांजगीर-चांपा जिले में नया विवाद खड़ा हो गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बम्हनीडीह द्वारा जारी आमंत्रण पत्र में कई जनप्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि, अध्यक्षता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बालेश्वर साहू का नाम सूची में नहीं होने से क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया है। इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं और राजनीतिक भेदभाव के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

शाला प्रवेशोत्सव जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का विद्यालयों में स्वागत करना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना होता है। ऐसे कार्यक्रमों में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी वजह से आमंत्रण पत्र में विधायक का नाम नहीं होने को लेकर लोगों में असंतोष दिखाई दे रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, वहां के निर्वाचित विधायक को आमंत्रण सूची से बाहर रखना समझ से परे है। लोगों का सवाल है कि जब अन्य जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में स्थान दिया गया है तो क्षेत्र के विधायक को शामिल नहीं करने का कारण क्या है। इस मुद्दे ने शिक्षा विभाग की निष्पक्षता और प्रशासनिक प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है।

आमंत्रण पत्र सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि कार्यक्रम में शामिल अधिकांश जनप्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं, जबकि विधायक बालेश्वर साहू कांग्रेस के निर्वाचित विधायक हैं। इसी आधार पर शिक्षा विभाग पर राजनीतिक सोच के तहत कार्य करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि शिक्षा विभाग जैसी संस्था को राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए और सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि विधायक पूरे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और शिक्षा से जुड़े इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी उपेक्षा जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। लोगों के अनुसार यह केवल किसी एक व्यक्ति की अनदेखी नहीं बल्कि उस क्षेत्र की जनता की उपेक्षा है, जिसने अपने प्रतिनिधि को चुनकर विधानसभा भेजा है। अब नागरिक शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में विधायक का नाम आमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया गया।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत ने कहा कि आमंत्रण पत्र पुराने सूची के आधार पर जारी किया गया है और इसमें किसी प्रकार का पक्षपात नहीं किया गया है। उनके अनुसार विभाग की ओर से किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ भेदभाव नहीं किया गया है।

वहीं जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने इस पूरे मामले पर आज नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक को सूची से दरकिनार करना गलत है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रोटोकॉल का ध्यान रखना चाहिए और इस प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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