झीरम घाटी कांड के स्मारक में बलिदानी लोगों की क्यूआर कोड से मिल रही जानकारी
जगदलपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। झीरम घाटी शहीद स्मारक अब केवल स्मृतियों का स्थल नहीं रहेगा। यहां डिजिटल माध्यम से बलिदानियों की पूरी कहानी जानने की सुविधा शुरू की गई है। स्मारक में प्रत्येक बलिदानी की नाम पट्टिका के पास क्यूआर कोड लगाया गया है। मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित बलिदानी का नाम, तस्वीर, सेवा, बलिदान की तारीख और घटना से जुड़ी जानकारी सामने आएगी। मुख्य क्यूआर कोड के माध्यम से झीरम घटना की डॉक्यूमेंट्री के साथ ऑडियो-वीडियो सामग्री भी देखी जा सकेगी।
लालबाग में बनाए गए स्मारक 25 मई 2013 को सुकमा से लौट रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था। इसमें तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल सहित कांग्रेस नेताओं, सुरक्षा बल के जवानों और आम लोगों को मिलाकर 32 लोग बलिदान हुए थे। उनकी स्मृति में झीरम घाटी और जगदलपुर के लालबाग में बनाये गये स्मारक में 17 जनप्रतिनिधियाें-कांग्रेस कार्यकर्तओं एवं 10 पुलिस कर्मियाें के फाेटाे सहित जानकारीमिल रही है।
अगस्त 2026 में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्मारक के दौरे के दौरान इसे अधिक स्मरणीय बनाने की बात कही थी। इसके बाद प्रशासन ने डिजिटलीकरण का काम शुरू किया। इस पहल से युवा पीढ़ी, पर्यटकों और स्कूली बच्चों को बस्तर के इस इतिहास को समझने में सहायता मिलेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

