आईएफसी परियोजना में 600 देसी चूजों की बु्रडिंग शुरू, 25 परिवार को 50-50 चूजे मिलेगा

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आईएफसी परियोजना में 600 देसी चूजों की बु्रडिंग शुरू, 25 परिवार को 50-50 चूजे मिलेगा


जगदलपुर, 25 अगस्त (हि.स.)। बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा ब्लाक अंतर्गत बड़ांजी क्षेत्र के महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। आजीविका सेवा केंद्र लोहाण्डीगुड़ा के तहत नोडल आईएफसी लक्ष्यदीप महिला क्लस्टर संगठन बड़ांजी में मुर्गीपालन योजना के प्रथम चरण की शुरुआत हुई। इसके अंतर्गत ग्राम बड़ांजी की ब्रुडिंग इकाई में 600 देसी मुर्गी के चूजों की बु्रडिंग का विधिवत शुभारंभ स्थानीय उद्यमी श्रीमती बसंती मांझी द्वारा किया गया।

इस योजना से क्षेत्र की 25 चयनित महिला किसानों को सीधे तौर पर जोड़ा गया है। वर्तमान में इन सभी चूजों को 15 दिनों के लिए वैज्ञानिक ब्रुडिंग प्रक्रिया में रखा गया है, जहां उचित तापमान, संतुलित दाना-पानी और आवश्यक टीकाकरण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। संपूर्ण प्रक्रिया का तकनीकी मार्गदर्शन आईएफसी एंकर, सीनियर सीआरपी और पशु सखी द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे चूजों की मृत्यु दर न्यूनतम रहे और उनका विकास बेहतर हो सके। 15 दिनों की देखरेख के पश्चात प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 50-50 स्वस्थ देसी चूजे वितरित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को घर पर ही स्थायी स्वरोजगार मिलेगा और उनकी पारिवारिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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