रूद्री में हाउसिंग बोर्ड की री-डेवलपमेंट परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी
धमतरी, 27 अक्टूबर (हि.स.)। शहर सीमा से जुड़े ग्राम पंचायत रूद्री में सुनियोजित आवासीय एवं व्यावसायिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। छग शासन की कैबिनेट बैठक में रूद्री स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की री-डेवलपमेंट परियोजना को मंजूरी मिलने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं साकार होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इस परियोजना के माध्यम से पुरानी एवं अनुपयोगी भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए आवासीय सुविधाओं के विस्तार, व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने की परिकल्पना की गई है। कार्यपालन अभियंता महेंद्र कुमार नरेटी ने बताया कि प्रस्तावित योजना के अनुसार सिंचाई विभाग की लगभग 3.5 हेक्टेयर भूमि में से करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक परिसर विकसित किया जाना है।
योजना में कुल 82 स्वतंत्र मकानों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें मध्यम आय वर्ग एमआई जी के 45 तथा निम्न आय वर्ग एलआईजी के 37 मकान शामिल हैं। इसके साथ ही दो मंजिला व्यावसायिक परिसर में 40 दुकानों के निर्माण की योजना है। इससे क्षेत्र में आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी व्यवस्थित विस्तार मिलने की उम्मीद है। परियोजना में सिंचाई विभाग के कार्यालय, प्रयोगशाला तथा आठ एच-टाइप आवासों के पुनर्निर्माण का प्रावधान भी प्रस्तावित है। इस प्रकार योजना में आवासीय विकास के साथ विभागीय अधोसंरचना के पुनर्विकास को भी महत्व दिया गया है। यह परियोजना रूद्री क्षेत्र में उपलब्ध भूमि के सुव्यवस्थित उपयोग, आधुनिक आवासीय सुविधाओं के विकास और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मकानों और दुकानों के निर्माण से निर्माण गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ भविष्य में व्यापार, सेवा क्षेत्र तथा आसपास की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि रूद्री क्षेत्र में प्रस्तावित री-डेवलपमेंट परियोजना धमतरी के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ नागरिकों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा। कैबिनेट की मंजूरी से परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। आगामी चरणों में संबंधित विभागों एवं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी किए जाने के साथ परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में कार्यवाही की जाएगी। मकानों की वास्तविक कीमत, आवंटन प्रक्रिया, बुकिंग और निर्माण की समय-सीमा संबंधी जानकारी आधिकारिक रूप से निर्धारित होने के बाद उपलब्ध कराई जा सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

