भीषण गर्मी में कूलर और खस की मांग बढ़ी, मरम्मत बाजार में लौटी रौनक
धमतरी, 03 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले में लगातार बढ़ते तापमान ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। पारा 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचते ही लोगों ने गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है, जहां कूलर, खस (घास) और उससे जुड़े सामानों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।
गर्मी से बचने के लिए इस बार लोग नए कूलर खरीदने के बजाय पुराने कूलरों की मरम्मत करवाने को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। कारीगरों की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ जुट रही है। कूलर में लगने वाली खस पट्टियों को बदलवाने और पानी पंप की मरम्मत के लिए लोग लाइन में नजर आ रहे हैं। इससे रिपेयरिंग व्यवसाय में भी तेजी आई है। स्थानीय कारीगर सोनू राम साहू और मालती बाई साहू बताते हैं कि गर्मी बढ़ते ही कूलर से जुड़े कामों की मांग कई गुना बढ़ गई है। खासतौर पर खस और उड़न (वुडन बुरादा) की खपत तेजी से बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि कूलर की मरम्मत में लगने वाली खस पट्टियों और उड़न की कीमतों में भी उछाल आया है। वर्तमान में बाजार में वुडन बुरादा थोक में लगभग 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। मरम्मत की लागत भी आम लोगों की पहुंच में है, जहां कूलर सुधारने का खर्च 100 रुपये से लेकर 150 रुपये तक आ रहा है। यही कारण है कि लोग कम खर्च में पुराने कूलर को नया जैसा बनवाकर उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देशी कूलर की मांग तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे कूलर और खस की मांग में और इजाफा होने की संभावना है। फिलहाल, गर्मी के इस दौर में कूलर ही लोगों के लिए सबसे सस्ता और असरदार राहत का साधन बना हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

