दो मार्च को होलिका दहन, चार मार्च को मनेगी होली
धमतरी, 21 फ़रवरी (हि.स.)। रंग, उमंग और आस्था का प्रतीक होली पर्व इस वर्ष विशेष ज्योतिषीय संयोग के साथ मनाया जाएगा। विप्र विद्वत परिषद ने देव पंचांग के आधार पर बताया कि दो मार्च को होलिका दहन, तीन मार्च को चन्द्रग्रहण तथा चार मार्च को रंग पर्व एवं वसंतोत्सव मनाया जाएगा।
परिषद ने बताया कि होली हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। देव पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दो मार्च सोमवार को शाम पांच बजकर 55 मिनट से प्रारंभ होगी। होलिका दहन का शुभमुहूर्त रात्रि एक बजकर 26 मिनट से रात्रि दो बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में होलिका दहन करना अत्यंत श्रेयस्कर माना गया है। इस समय भद्रापुच्छ का योग रहेगा, जो शास्त्र सम्मत रूप से अनुकूल माना जाता है। 3 मार्च को चन्द्र ग्रहण रहेगा। ग्रहण का सूतक सुबह नौ बजकर सात मिनट से प्रारंभ होगा। ग्रहण स्पर्श शाम छह बजकर सात मिनट पर होगा। ग्रहण मोक्ष शाम छह बजकर 47 मिनट पर होगा। चार मार्च को रंग पर्व एवं वसंतोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
शांति और भाईचारे के साथ मनाएं होली:
यह दिन आपसी प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देता है। विप्र विद्वत परिषद के मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने अपील करते हुए कहा है कि सभी नागरिक निर्धारित तिथि एवं शुभ मुहूर्त के अनुसार होली पर्व को श्रद्धा, शांति और भाईचारे के साथ मनाएं।
चौक चौराहों में लकड़ियां इकट्ठा कर रहे युवा:
रंगों का त्योहार होली पर्व को लेकर युवाओं में खासा उत्साह रहता है। इन दिनों होलिका दहन के लिए युवा चौक चौराहों में लकड़ियां इकट्ठा कर रहे हैं। शहर के 300 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन होता है। इसके लिए कंडे लकड़ियां सूखी टहनियों को इकट्ठा करने में युवा जुटे हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

