स्वास्थ्य मंत्री ने मेकाॅज में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर का किया लोकार्पण
जगदलपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। वनांचल बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। स्व. बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध शहीद महेन्द्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय में नवनिर्मित अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर का आज गुरूवार काे लोकार्पण छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य और वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बस्तर संभाग को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार के व्यापक रोडमैप को सामने रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्थानीय युवाओं के रोजगार, तकनीकी मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्व. बलिराम कश्यप के दूरदर्शी योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से स्थापित यह संस्थान आज पूरे क्षेत्र की जीवन रेखा बन चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य दलों ने घर-घर जाकर 35 लाख लोगों की जांच की, जिनमें से 11 हजार गंभीर मरीजों को रायपुर भेजकर समय पर जीवनदान दिया गया। इसी गुणात्मक सुधार के कारण कभी चुनौतियों से घिरे रहे दरभा क्षेत्र को केंद्र सरकार से प्रतिष्ठित एनक्वास प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से 90 सीटों के साथ पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू हो रहे हैं, जबकि पूरे राज्य में 630 पदों के साथ 26 से 27 नए पैरामेडिकल कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही जगदलपुर में 100 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक मानसिक चिकित्सालय को अगले दो से तीन महीनों में पूरी तरह क्रियाशील कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने निःशुल्क जांच सुविधाओं का विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि जगदलपुर महारानी अस्पताल और सुकमा में अटल आरोग्य लैब के जरिए थायराइड, एचबीएवनसी, किडनी, लिवर और हृदय से जुड़ी 136 जटिल जांचें पूरी तरह मुफ्त की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में हर साल 3 हजार डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके लिए नए मेडिकल कॉलेजों के साथ 14 नर्सिंग और 7 फिजियोथेरेपी कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं। अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने किचन शेड, शौचालय और अंदरूनी क्षेत्रों में तैनात होने वाले चिकित्सकों के लिए आवासीय क्वार्टर निर्माण को तत्काल मंजूरी दी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने बीते दौर को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि वर्ष 2002-03 में पूरे संभाग में केवल महारानी अस्पताल ही एकमात्र सहारा था, जबकि आज जगदलपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा तक मेडिकल कॉलेज का जाल फैल चुका है। उन्होंने स्मरण किया कि एक दौर वह भी था जब नक्सली घटनाओं में घायल जवानों और नागरिकों के लिए रात में हेलीकॉप्टर की नाइट-लैंडिंग करानी पड़ती थी, लेकिन अब उसी बस्तर में विशेषज्ञ स्तर का ट्रॉमा केयर उपलब्ध है। उन्होंने मेडिकल छात्रों से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद अंदरूनी इलाकों के जरूरतमंद ग्रामीणों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जगदलपुर नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, तोकापाल जनपद पंचायत अध्यक्ष रामबती भंडारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक और बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

