कांकेर के रिहायशी इलाकों में बढ़ रहा वन्य प्राणी भालू का खतरा
कांकेर, 21 अगस्त (हि.स.)। जिले के गोविंदपुर में बीते कुछ दिनों से भालुओं का आना-जाना बढ़ गया है, वन्य प्राणी भालू लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंचकर दहशत मचा रहे हैं।
खाना और पानी की तलाश में भालू अक्सर लोगों के घरों में घुस रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार की रात एक बार फिर दो भालू गोविंदपुर इलाके में घुस आए। भालू सीधे घर के किचन तक पहुंचे और किचन में खाना खोजने लगे। इसी बीच स्लैब से बर्तन गिरने पर घर में सो रहे लोगों की नींद खुल गई। जब किचन में झांककर देखा तो पाया कि भालू घर के किचन में घुसा है। घर वाले घर के भीतर भालू को देखकर दशहत में आ गए, घर के लोगों ने तत्काल खुद को सुरक्षित तरीके से एक कमरे में बंद कर दिया। काफी देर तक भालू घर में घूमते रहे फिर वहां से चले गए। रामेश्वरम कॉलोनी, सरंगपाल के ग्रामीणों ने भालू के आने का वीडियो बना लिया। इलाके के लोगों का कहना है कि भालू रात करीब 2 बजे उनकी कॉलोनी में घुसे, गनीमत रही कि इस दौरान किसी इंसान से उनका सामना नहीं हुआ। बीते दिनों भालू के हमले में एक भाई-बहन की मौत खेत में हो गई थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस घर के किचन में भालू खाने की तलाश में घुसा था, उस घर के लोगों पर भालू ने हमला करने की कोशिश की। लेकिन गनीमत रही कि भालू घर की खिड़की में लगे ग्रील को नहीं तोड़ पाया। लोगों ने वन विभाग की टीम को रात के वक्त ही इलाके में भालुओं के आने की खबर दी। जिसके बाद वन विभाग की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने वहां से दोनों भालुओं को जंगल की ओर खदेड़ दिया। लोगो ने कहा कि वे रोज-रोज के खतरे से तंग आ चुके हैं, वे कोई स्थायी समाधान इस समस्या का चाहते हैं।
कांकेर रेंजर अमितेश सिंह परिहार ने शुक्रवार काे कहा कि वन विभाग की टीम लगातार शहर के वार्डों समेत आस-पास के गांवों में रात के समय गश्त कर रही है, जहां भी सूचना मिल रही है, वहां पर तुरन्त वन विभाग का अमला पहुंच रहा है। हमारी कोशिश है कि भालू रिहायशी इलाकों से दूर रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

