सरकारी योजना ने बदली तकदीर : बकरी पालन से आत्मनिर्भर बने अश्वनी ध्रुव
20 लाख की आधुनिक इकाई बनी ग्रामीणों के लिए मिसाल
धमतरी, 19 जुलाई (हि.स.)। खेती के साथ पशुपालन को आय का मजबूत जरिया बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की नेशनल लाइवस्टाक मिशन योजना धमतरी जिले में ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। विकासखंड धमतरी के ग्राम भटगांव निवासी प्रगतिशील पशुपालक अश्वनी ध्रुव ने इस योजना का लाभ लेकर लगभग 20 लाख रुपये की लागत से ग्राम विश्रामपुर में आधुनिक बकरी पालन इकाई स्थापित की है। इस सफलता ने न केवल उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया है, बल्कि आसपास के पशुपालकों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
योजना के तहत जिले में तीन बकरी पालन एवं दो मुर्गी पालन इकाइयों को स्वीकृति मिली है, जिनमें अश्वनी ध्रुव की इकाई विशेष रूप से चर्चा में है। उन्होंने 100 उन्नत नस्ल की बकरियों और 5 बकरों का क्रय किया है। इस परियोजना पर 50 प्रतिशत यानी 10 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है, जिसमें पहली किस्त के रूप में पांच लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। शेष राशि पशुओं के क्रय, स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी। योजना के तहत पशुधन का बीमा अनिवार्य होने के कारण 17 जुलाई को पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों और बजाज इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सभी बकरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उनका बीमा कराया गया।
सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी प्रेम लाल साहू ने सभी पशुओं की टैगिंग कर उनकी पहचान सुनिश्चित की। इस दौरान पशुपालक को वैज्ञानिक बकरी पालन, संतुलित पोषण, टीकाकरण, रोग नियंत्रण, प्रजनन प्रबंधन और स्वच्छ पशुशाला संचालन का विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया। विभाग ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और तकनीकी सहयोग का भरोसा भी दिलाया। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इकाई में उपलब्ध उन्नत नस्ल के बकरों से आसपास के गांवों के पशुपालकों को भी नस्ल सुधार का लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय बकरियों की उत्पादकता बढ़ेगी, बेहतर गुणवत्ता वाले बच्चे तैयार होंगे और पशुपालकों की आय में दीर्घकालिक बढ़ोतरी होगी। जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक पशुपालकों को आधुनिक तकनीक अपनाकर पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए प्रेरित करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

