सुशासन तिहार से दिव्यांग छात्रा के सपनों को मिली रफ्तार, कमला को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल
कोरबा, 01 जून (हि. स.)। बचपन से दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद कटघोरा विकासखंड के ग्राम सलोरा (क) निवासी कमला कुमारी केंवट ने शिक्षा के प्रति अपने जुनून को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों के बीच उन्होंने उच्च शिक्षा का रास्ता चुना, लेकिन कॉलेज तक पहुंचना उनके लिए रोजाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। अब सुशासन तिहार के माध्यम से मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ने उनके सपनों को नई उड़ान दे दी है।
जानकारी के अनुसार, कमला को पूर्व में समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई थी, जो समय के साथ जर्जर और अनुपयोगी हो गई थी। इससे उन्हें कॉलेज आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्हें सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी मिली। ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में उन्होंने मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन से कमला ने अपनी समस्या साझा की। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग द्वारा पात्रता परीक्षण के बाद कमला को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल स्वीकृत की गई।
आज सोमवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कमला को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस दौरान उन्होंने कमला से आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। कमला ने बताया कि वह वर्तमान में एम.ए. की पढ़ाई कर रही हैं।
कमला की लगन और संघर्ष की सराहना करते हुए कलेक्टर दुदावत ने कहा, “बिटिया, अच्छे से पढ़ना और आगे बढ़ना। आपकी मेहनत और आत्मविश्वास अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की उड़ान को सीमित नहीं कर सकतीं, यदि उसके भीतर आगे बढ़ने का मजबूत संकल्प हो।”
कमला की माता संतकुंवर ने भावुक होकर बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल खरीद सकें। शासन द्वारा निःशुल्क यह सुविधा मिलने से उनकी बेटी की शिक्षा का मार्ग आसान हो गया है और अब उसे कॉलेज आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
वहीं कमला ने खुशी जताते हुए कहा कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से अब वह नियमित रूप से कॉलेज जा सकेगी और अपने अन्य जरूरी कार्य भी आसानी से कर पाएगी। यह सुविधा उसके आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी हरीश सक्सेना सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की संवेदनशील पहल ने एक दिव्यांग छात्रा के सपनों को नई गति दी है। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से अब कमला का उच्च शिक्षा का सफर पहले की तुलना में अधिक सहज, सुरक्षित और आत्मविश्वास से भरा होगा।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

