65 जोड़ों का सामूहिक विवाह, गोंडी परंपरा ‘पेन’ से सजी अनूठी मिसाल

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65 जोड़ों का सामूहिक विवाह, गोंडी परंपरा ‘पेन’ से सजी अनूठी मिसाल


65 जोड़ों का सामूहिक विवाह, गोंडी परंपरा ‘पेन’ से सजी अनूठी मिसाल


65 जोड़ों का सामूहिक विवाह, गोंडी परंपरा ‘पेन’ से सजी अनूठी मिसाल


65 जोड़ों का सामूहिक विवाह, गोंडी परंपरा ‘पेन’ से सजी अनूठी मिसाल


धमतरी, 14 अप्रैल (हि.स.)। गंगरेल स्थित मां अंगार मोती दाई के पावन सान्निध्य में आदिशक्ति अंगार मोती ट्रस्ट के तत्वावधान में भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 65 जोड़ों ने पारंपरिक रूढ़ीजन्य गोंडी रीति-रिवाज ‘पेन’ पद्धति से विवाह बंधन में बंधकर अपनी नई जीवन यात्रा की शुरुआत की।

कार्यक्रम का संचालन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, जिला धमतरी द्वारा किया गया, जिसमें पुरखा परंपरा, नेंग-दस्तूर और प्रकृति पूजा की समृद्ध परंपराओं को विशेष महत्व दिया गया।

ट्रस्ट अध्यक्ष जीवराखन मराई ने बताया कि यह आयोजन गोंड समाज की प्राचीन संस्कृति को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है। विवाह संस्कार की शुरुआत फन शक्ति पंच बुढ़ा देव से लेकर सप्तम बड़ादेव की स्थापना के साथ की गई, जो प्रकृति पूजन और आस्था की गहराई को दर्शाती है। समारोह के दौरान दुल्हनों को पारंपरिक बाजे-गाजे के साथ बारात के रूप में मां अंगार मोती दाई मंदिर ले जाया गया, जहां पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया गया। इसके बाद मंडप में मातृका पूजन, तेल कार्यक्रम सहित सभी पारंपरिक विधियों का पालन किया गया। लोकगीतों और पारंपरिक नृत्य ने पूरे आयोजन को उत्साह और उल्लास से भर दिया।

जिला अध्यक्ष माधव सिंह ठाकुर ने कहा कि 65 जोड़ों का यह सामूहिक विवाह समाज की एकता, सहयोग और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिलता है और समाज में भाईचारा मजबूत होता है। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में अन्य समाजों के लोग भी शामिल हुए, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित हुआ। प्रकृति पूजा और देव शक्तियों के आव्हान के साथ सम्पन्न यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बन गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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