एक अगस्त से शासकीय कार्यालयों में अब ‘रीचार्ज’ से चलेगी बिजली

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एक अगस्त से शासकीय कार्यालयों में अब ‘रीचार्ज’ से चलेगी बिजली


जगदलपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश के शासकीय विभागों और कार्यालयों में विद्युत खपत और बिलों के भुगतान को लेकर राज्य शासन ने एक बड़ा और युगांतरकारी निर्णय लिया है। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के दिशा-निर्देशों के तहत अब छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर के माध्यम से प्री-पेड बिलिंग अनिवार्य रूप से लागू की जा रही है।

ऊर्जा विभाग द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार आगामी 01 अगस्त से प्रथम चरण के तहत विकासखण्ड (ब्लॉक) एवं उच्चस्तर तक के सभी शासकीय कार्यालयों में बिजली की प्री-पेड व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इसके बाद द्वितीय चरण में इससे निचले स्तर के कार्यालयों को जोड़ा जाएगा। महानदी भवन (मंत्रालय) से जारी मार्गदर्शिका के अनुसार इस पूरी व्यवस्था को बेहद आधुनिक, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया गया है, जिसके तहत 30 जून 2026 की स्थिति में विभागों के कुल लंबित बकाये को फ्रीज कर दिया जाएगा और इस राशि को आगामी 4 तिमाहियों में समान किश्तों में जमा करने की छूट दी जाएगी।

इस नई रीचार्ज प्रणाली को सुचारू रखने के लिए बिजली विभाग रीचार्ज खत्म होने के 7 दिन पहले से ही संबंधित विभाग के पंजीकृत नोडल अधिकारी के मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से अलर्ट भेजना शुरू कर देगा। इसके साथ ही विभाग अपनी दैनिक खपत, बची हुई शेष राशि (बैलेंस) और रीचार्ज खत्म होने की संभावित अवधि की जानकारी मोर बिजली ऐप और विभागीय वेबसाइट पर लाइव देख सकेंगे। व्यवस्था की एक बड़ी खूबी यह है कि पूरे विभाग या जिले के कनेक्शनों को एक समूह (ग्रुप आईडी) के रूप में ट्रीट किया जाएगा, जिससे जब तक ग्रुप का ओवरऑल बैलेंस रहेगा, किसी भी व्यक्तिगत कार्यालय की बिजली नहीं कटेगी। बैलेंस शून्य होने की स्थिति में भी तुरंत बिजली नहीं काटी जाएगी, बल्कि तिमाही समाप्त होने के 15 दिनों बाद तक रिचार्ज न होने पर ही मीटर से स्वतः कनेक्शन विच्छेदित होगा।

यदि किसी अनिवार्य कारण से लाइन कट भी जाती है, तो मोर बिजली एप चैटबॉट पर केवल एक रिक्वेस्ट भेजकर आपातकालीन स्थिति में कनेक्शन को 7 दिनों के लिए दोबारा चालू कराया जा सकेगा। रिचार्ज सफल होने के अधिकतम 60 मिनट के भीतर बिजली स्वतः चालू हो जाएगी और तकनीकी समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत के 6 घंटे के भीतर इसे चालू करने का प्रावधान है। इस पूरी व्यवस्था को जिलास्तर पर सुगम बनाने के लिए इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर प्रीपेड मॉनिटरिंग सेल को सिंगल टच पॉइंट बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी मॉनिटरिंग और सहायता के लिए तैनात रहेंगे। किसी भी प्रकार की शंका के निवारण हेतु प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे के बीच गूगल-वीडियो मीट के माध्यम से विशेष सहायता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि इस बदलाव को आपसी समन्वय से सफल बनाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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