आर्थिक बोझ से मुक्ति: एक योजना, हजारों मुस्कान

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आर्थिक बोझ से मुक्ति: एक योजना, हजारों मुस्कान


आर्थिक बोझ से मुक्ति: एक योजना, हजारों मुस्कान


धमतरी, 05 मई (हि.स.)। जब योजनाएं जमीन पर उतरकर लोगों के जीवन में बदलाव लाती हैं, तब वे केवल घोषणाएं नहीं रहतीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास की नई किरण बन जाती हैं। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 इसी सोच का परिणाम है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है।

धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम आलेखुटा (गटापार) निवासी मन्नू राम मनहरे का जीवन भी इस योजना से बदल गया। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बढ़ता बिजली बिल उनके लिए चिंता का कारण बना हुआ था। बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी, जिससे आर्थिक स्थिति के साथ मानसिक तनाव भी गहराता जा रहा था। इसी दौरान उन्हें योजना की जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत आवेदन किया। सरल प्रक्रिया और विभागीय सहयोग के चलते उन्हें जल्द ही लाभ मिला। कुल 21,540 रुपये के बकाया में से 10,473 रुपये की छूट दी गई, वहीं सरचार्ज पूरी तरह माफ कर दिया गया। इस तरह केवल 11,067 रुपये जमा कर उन्होंने वर्षों पुराना बकाया खत्म कर लिया। किस्तों की सुविधा ने भुगतान को और आसान बना दिया। 31 मार्च और 1 अप्रैल 2026 को राशि जमा कर उन्होंने अपने दायित्वों से मुक्ति पाई। अब उनका परिवार नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहा है और आर्थिक स्थिति भी संतुलित हो रही है।

मन्नू राम के परिवार ने इस योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए शासन के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि यह योजना उन लोगों के लिए राहत का बड़ा साधन है, जो आर्थिक तंगी के कारण बकाया नहीं चुका पाते और कर्ज के चक्र में फंस जाते हैं।कुरूद विकासखंड में ही नहीं, पूरे जिले में इस योजना का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। सैकड़ों उपभोक्ता इसका लाभ लेकर बकाया से मुक्त हो चुके हैं, वहीं हजारों लोग आवेदन प्रक्रिया में शामिल हैं।

यह योजना विशेष रूप से बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, जहां 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज की पूरी माफी दी जा रही है। इससे लोग आर्थिक बोझ से मुक्त होकर फिर से नियमित उपभोक्ता बन रहे हैं।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि भरोसे और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बनकर सामने आई है। धमतरी जिले में यह योजना “उजाले से आत्मविश्वास तक” की प्रेरक कहानी बन चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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