एफपीओ को मिलेगी नई पैकेजिंग मशीन

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एफपीओ को मिलेगी नई पैकेजिंग मशीन


एफपीओ को मिलेगी नई पैकेजिंग मशीन


एफपीओ को मिलेगी नई पैकेजिंग मशीन


गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह की दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर इकाई का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

धमतरी, 27 फ़रवरी (हि.स.)। नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली में शुक्रवार को प्रशासनिक सक्रियता और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण देखने को मिला। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने यहां जय मां लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का निरीक्षण कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था और आय-व्यय का विस्तार से जायजा लिया। दोना-पत्तल निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पत्तों के संग्रहण से लेकर मशीनों की कार्यप्रणाली और तैयार उत्पाद की बाजार में खपत तक की समीक्षा की गई। समूह की अध्यक्ष शिवरात्रि विश्वकर्मा ने बताया कि आसपास के गांवों से पत्ते एकत्रित कर उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय बाजारों में विक्रय कर महिलाओं को नियमित आय प्राप्त हो रही है। इसके बाद वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का अवलोकन किया गया। समूह ने बताया कि कच्चा माल रायपुर से मंगाया जाता है और आकर्षक पैकेजिंग के साथ उत्पाद स्थानीय दुकानों में उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे लघु उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दौरे के दौरान गट्टासिल्ली स्थित एफपीओ सेंटर का भी निरीक्षण किया गया।

प्रबंधन समिति ने अवगत कराया कि जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, किंतु वर्तमान पैकेजिंग मशीन सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही। इस पर कलेक्टर ने नई पैकेजिंग मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बेहतर लेबलिंग, एफएसएसएआई पंजीयन (जहां आवश्यक हो) और डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ने की भी सलाह दी गई। कलेक्टर ने महिलाओं को शासन की स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं से जुड़कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने, बैंक लिंकेज मजबूत करने और क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाकर बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों से आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। निरीक्षण के दौरान महिलाओं को अपने बच्चों को “लइका घर” भेजने की समझाइश भी दी गई। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिलेगी, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग विमल साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगरानी एक्का, एसडीएम नगरी मनोज मरकाम, जनपद पंचायत नगरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोरझा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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