बाल विवाह रोकने धमतरी में चार निगरानी इकाइयों का गठन

WhatsApp Channel Join Now
बाल विवाह रोकने धमतरी में चार निगरानी इकाइयों का गठन


बाल विवाह रोकने धमतरी में चार निगरानी इकाइयों का गठन


धमतरी, 14 अप्रैल (हि.स.)। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिले में एक सराहनीय पहल की गई है। समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से दिव्यांग प्रेरणा जनकल्याण समिति, धमतरी ने चार विशेष निगरानी इकाइयों का गठन किया है। समिति की अध्यक्ष संतोषी विशनोई, डॉ. पोषण सिन्हा एवं घनश्याम सिंह साहू के नेतृत्व में यह पहल जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

गठित इकाइयों के अंतर्गत नगरी क्षेत्र में कुमारी बाई एवं ओमप्रकाश, कुरूद में शिवचरण और डाली, धमतरी में बसंत कुमार विशनोई एवं सुलेखा अली तथा मगरलोड क्षेत्र में रोहित साहू और पूनम निषाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही समिति के सदस्य डेरहाराम, नीलकंठ, होलाराम, सोमन, सुलोचना, सुलेखा अली, मेश्राम, फागूराम और कामता प्रसाद को विशेष रूप से निगरानी कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। इन इकाइयों का मुख्य उद्देश्य जिले में 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं और 21 वर्ष से कम आयु के बालकों के विवाह को रोकना है। किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी मिलने पर समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक डॉ. मनीषा पाण्डे एवं महिला एवं बाल विकास तथा बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक को तत्काल सूचित किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज के विकास में भी बाधक है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप धमतरी जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों और सामाजिक संगठनों का संयुक्त प्रयास जारी है। इस पहल से जिले में जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ बाल विवाह पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Share this story