फोस्टर केयर योजना के तहत सौंपा गया दो बच्चों को पात्र परिवारों को
बस्तर जगदलपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। बस्तर जिले में बाल संरक्षण एवं बच्चों के समग्र विकास को मजबूत करने की दिशा में बाल कल्याण समिति (न्यायपीठ), बस्तर द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत दो बच्चों को आज गुरूवार काे विधिवत एक पात्र फोस्टर परिवारों को सौंपा गया।
बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार सभी वैधानिक प्रक्रियाओं एवं आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस पहल का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जिन्हें विशेष देखरेख, संरक्षण तथा भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही ने फोस्टर परिवारों से संवाद करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा तथा समुचित पालन-पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा फोस्टर परिवारों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के संवेदनशील परिवारों द्वारा बच्चों की जिम्मेदारी स्वीकार करना सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे न केवल बच्चों को बेहतर भविष्य मिलेगा, बल्कि समाज में बाल अधिकारों एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति सकारात्मक संदेश भी जाएगा।
इस प्रक्रिया को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती धनेश्वरी वर्मा, श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, संतोष जोशी एवं रामकृष्ण ठाकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला बाल संरक्षण इकाई, बस्तर के गैर-संस्थागत देखरेख अधिकारी गुलशन भारिया ने समन्वय एवं दस्तावेजी प्रक्रिया का संचालन किया।
वहीं सीईएसी-यूनिसेफ के जिला अधिकारी रमेश कुमार दास ने फोस्टर केयर प्रक्रिया, क्षमता निर्माण तथा तकनीकी मार्गदर्शन में सहयोग प्रदान किया। बाल संरक्षण के क्षेत्र में यह पहल जिले में फोस्टर केयर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों को संस्थागत देखभाल के स्थान पर पारिवारिक वातावरण में विकास का अवसर मिलेगा तथा समाज में बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता और सहभागिता को भी नई दिशा मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

