गंगरेल की तेज लहरों के बीच फंसे मछुआरे के लिए देवदूत बनी रेस्क्यू टीम, सुरक्षित बचाई जान
रायपुर, 29 अक्टूबर (हि. स.)। गंगरेल जलाशय में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच नाव पलटने से संकट में फंसे एक मछुआरे के लिए ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम जीवनरक्षक बनकर सामने आई।
विपरीत परिस्थितियों में टापू पर फंसे ग्राम बरारी निवासी मछुआरे बबलू निषाद को टीम ने वाटर एम्बुलेंस की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर उनके गांव पहुंचाया। जिला प्रशासन के सहयोग, स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और बचाव दल की तत्परता से यह अभियान सफल रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरारी निवासी बबलू निषाद लकड़ी एकत्र करने के लिए नाव से गंगरेल जलाशय स्थित ठेमली आइलैंड गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के कारण जलाशय में ऊंची लहरें उठने लगीं और उनकी नाव अनियंत्रित होने लगी। खतरे को भांपते हुए बबलू ने अपने परिजनों को फोन कर स्थिति की जानकारी दी, लेकिन कुछ ही देर में नाव पलट गई।
जलाशय की तेज लहरों के बीच बबलू ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने लगभग 100 मीटर तैरकर दूसरे टापू तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। हालांकि अंधेरा होने और चारों ओर जंगल होने के कारण वहां से सुरक्षित निकलना उनके लिए मुश्किल हो गया। इधर घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण चिंतित हो उठे तथा सहायता के प्रयास शुरू किए।
सूचना मिलते ही गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम तत्काल सक्रिय हुई। टीम ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए वाटर एम्बुलेंस से बचाव अभियान चलाया और टापू पर फंसे बबलू निषाद को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें सकुशल उनके गांव पहुंचाया गया। इस अभियान में श्री सत्येंद्र शिव, राजेश मुकेश सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गंगरेल जलाशय में हुए इस सफल बचाव अभियान ने आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया है। जिला प्रशासन के सहयोग, ग्रामीणों की सजगता और रेस्क्यू टीम की सक्रियता से एक मछुआरे की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
यह घटना जलाशयों में नाव से आवागमन के दौरान सुरक्षा उपायों को अपनाने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता भी बताती है। साथ ही संकट के समय साहस, संवेदनशीलता और आपसी सहयोग किस तरह किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसकी प्रेरक मिसाल भी प्रस्तुत करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

