बस्तर के किसानों को बताया गया प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के बारे में

WhatsApp Channel Join Now
बस्तर के किसानों को बताया गया प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के बारे में


जगदलपुर , 31 जुलाई (हि.स.)। बस्तर संभाग के मत्स्य पालक अब पारंपरिक तरीके से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों के साथ मछली पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। बस्तर संभाग के 13 प्रगतिशील किसान हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर वैज्ञानिक मत्स्य पालन की बारीकियां सीख रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के बारे में भी किसानों को बताया गया।

भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की ओर से आयोजित यह प्रशिक्षण 31 जुलाई तक चल रहा है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन, उत्पादन प्रबंधन, उद्यमिता विकास, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था की जानकारी देना है। विशेषज्ञों द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का चयन, तालाब की वैज्ञानिक देखरेख, पानी की गुणवत्ता बनाए रखने, मछलियों में होने वाले रोगों की पहचान, नियंत्रण, उत्पादन बढ़ाने की तकनीक सिखाई जा रही है। हैदराबाद प्रशिक्षण में किसानों को मछली पालन के हर चरण की जानकारी दी जा रही है। इसमें मत्स्य बीज चयन, जल प्रबंधन, रोग नियंत्रण, उत्पादन बढ़ाने के तरीके और तैयार उत्पादों के बेहतर विपणन की रणनीति शामिल है। विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर लाभ बढ़ाने के उपाय बता रहे हैं। प्रशिक्षण में बताया जा रहा है कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। इससे केवल सहायक व्यवसाय नहीं, बल्कि स्थायी आय के साधन के रूप में विकसित किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

Share this story