केरेगांव के जंगल में लगी आग, बुझाने वाला कोई नहीं

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केरेगांव के जंगल में लगी आग, बुझाने वाला कोई नहीं


केरेगांव के जंगल में लगी आग, बुझाने वाला कोई नहीं


धमतरी, 15 मार्च (हि.स.)। वन परिक्षेत्र केरेगांव के कैंपस में सात फरवरी को अग्नि सुरक्षा कार्यशाला में आग बुझाने अधिकारी-कर्मचारियों, फायरवाचरों, वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारी व सदस्यों समेत बड़ी संख्या में लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। सभी ने जंगल में आग नहीं लगने व लगने पर बुझाने का संकल्प लिया, लेकिन जब आग लग गई, तो बुझाने वाला कोई नहीं है। सड़क पर धुआं से राहगीर व लोग परेशान हो रहे हैं। आग जंगल की ओर बढ़ता चला जा रहा है, लेकिन क्षेत्र के वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी गहरे नींद पर है।

कुम्हड़ाईनदेवी मंदिर से आगे केरेगांव रोड किनारे जंगल पर 15 मार्च को दोपहर जंगल के पेड़ जल रहे थे। पेड़ के ऊपर तक आग पहुंच चुकी थी, साथ ही तेजी से आग फैल रही थी। जंगल क्षेत्र व सड़क किनारे धुआं-धुआं हो चुका था। भारी आग से राहगीर व लोग परेशान थे, लेकिन इस आग को बुझाने वाला कोई नहीं था। आग बढ़ती ही जा रही थी। घटना की जानकारी जब डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव को दिया गया, तो उन्होंने संबंधित क्षेत्र के अधिकारी को आग बुझाने के लिए निर्देशित करने की बात कही। इसी तरह क्षेत्र के जंगलों में कई जगह आग जलने से राख भी फैला हुआ है। इससे स्पष्ट है कि केरेगांव क्षेत्र के जंगल पर आग से ज्यादा खतरा मंडराने लगा है। इन दिनों क्षेत्र में सड़क निर्माण जारी है, जहां सड़क किनारे लोग भोजन भी बना रहे हैं। बीड़ी-सिगरेट भी पी रहे हैं। ऐसे कई अन्य कारण आगजनी के हो सकते हैं, लेकिन क्षेत्र में फायरवाचर तैनात नजर नहीं आया, जो आगजनी की जानकारी वन विभाग तक पहुंचा सके और स्वयं आग को बुझाने कोशिश कर सके।

डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने कहा कि आग लगने की जानकारी नहीं मिली है। क्षेत्र के जंगल में हरा पेड़ है, जो तेजी से आग नहीं पकड़ पाता, ऐसे में जल्द ही आग पर काबू पाया जा सकता है। मालूम हो कि परिक्षेत्र अधिकारी केरेगांव ओमकार सिन्हा के नेतृत्व में सात फरवरी 2026 को परिक्षेत्र केरेगांव के कैंपस में अग्नि सुरक्षा कार्यशाला एवं जैव विविधता संरक्षण,य बीएमसी का सशक्तिकरण संबंधी प्रशिक्षण हुआ। इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, फायर वाचर, सुरक्षा श्रमिकों समेत कई बड़े विशेषज्ञ शामिल हुए थे। कईयों ने प्रशिक्षण में तो आग से जंगल बचाने के लिए संकल्प लिया। कई गुर सीखे, लेकिन जब अब आग लगने के मुख्य समय पर जंगल में आ लग रहा है, तो इसे बुझाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है, जो चिंता का विषय है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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