जिले में पहली बार हुआ मिलेट्स महोत्सव, श्रीअन्न को मिला जन आंदोलन का स्वरूप
धमतरी, 05 जनवरी (हि.स.)। किसानों की आय बढ़ाने, पोषणयुक्त आहार को बढ़ावा देने और मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से जिले में पहली बार मिलेट्स महोत्सव का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महोत्सव ने कृषि, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था—तीनों को एक सूत्र में बांध दिया। आयोजन कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल पर साेमवार सुबह 11 बजे संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देशभर में मिलेट्स मैन के नाम से विख्यात पद्मश्री डॉ. खादर वल्ली रहे। उन्होंने कहा कि मिलेट्स केवल भोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और आत्मनिर्भर खेती की मजबूत नींव हैं। उन्होंने किसानों को सीधे संबोधित करते हुए बताया कि मिलेट्स की फसल कम पानी, कम लागत और न्यूनतम रासायनिक खाद में तैयार होती है तथा सूखा, बाढ़ और जलवायु परिवर्तन जैसी विषम परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन देती है। पारंपरिक धान की तुलना में इसमें जोखिम कम और मुनाफा अधिक है।
डॉ. वल्ली ने बताया कि कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार और बाजरा जैसे श्रीअन्न फाइबर, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग और पाचन संबंधी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक और जैविक पद्धति से मिलेट्स उत्पादन अपनाने का आह्वान किया।
महोत्सव को संबोधित करते हुए महापौर रामू रोहरा ने कहा कि मिलेट्स अब केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं रहे, बल्कि रोजगार, स्टार्टअप और महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। ऐसे आयोजन जिले में नई कृषि संस्कृति को जन्म देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि मिलेट्स की खेती छोटे और सीमांत किसानों के लिए सुरक्षित, टिकाऊ और लाभकारी विकल्प है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले को मिलेट्स आधारित कृषि नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उत्पादित मिलेट्स की खरीद, विपणन और स्व-सहायता समूहों को मूल्य संवर्धित उत्पादों—आटा, लड्डू, कुकी और स्नैक्स से जोड़ने की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से मिलेट्स को आर्थिक सुरक्षा और स्वस्थ भविष्य की खेती के रूप में अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर द्वारा जिले के प्रगतिशील किसानों को उन्नत मिलेट्स बीज वितरित किए गए। कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में जिले में उत्पादित मिलेट्स और उनसे बने पोषक व स्वादिष्ट व्यंजनों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। डा खादर वल्ली ने धमतरी जिले के किसानों द्वारा किए जा रहे मिलेट्स उत्पादन की सराहना करते हुए खेती को और विस्तार देने के लिए प्रेरित किया।
समापन अवसर पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से पद्मश्री डॉ. खादर वल्ली को स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि मोनेश साहू, एसडीओ मनोज सागर, अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

