नक्सली हिंसा से प्रभावित 8 पीड़ितों को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
रायपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत जिला प्रशासन द्वारा पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी क्रम में कलेक्टर विश्वदीप ने नक्सली हिंसा से प्रभावित 8 पीड़ितों के लिए कुल 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। प्रत्येक लाभार्थी को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने भी नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रभावित नागरिकों और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन की ओर आगे बढ़ने में सहयोग देना है।
स्वीकृत सहायता नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के निकटतम वारिसों तथा स्थायी रूप से असमर्थ व्यक्ति को दी जाएगी। लाभान्वित होने वालों में सोयम धरमा की पत्नी सोयम सीता, धरमैया ध्रुवा की पत्नी मुन्नका ध्रुवा, बाड़से पिंटू की पत्नी हड़मे बाड़से, कवासी जोगा की पत्नी मंगली कवासी, चन्द्रैया मोड़ियम के पिता मारा मोड़ियम, तुलेश्वर राणा के पिता कमलसाय राणा, कुरसम मंगलू के पुत्र नंदू कुरसम तथा स्थायी रूप से असमर्थ राजू मोड़ियम शामिल हैं।
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि, स्वीकृत सहायता राशि का 50 प्रतिशत सीधे लाभार्थी के बचत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा किया जाए। शेष 50 प्रतिशत राशि राष्ट्रीयकृत अथवा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में तीन वर्ष की सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखी जाएगी। एफडी की लॉक-इन अवधि के दौरान अर्जित तिमाही ब्याज का भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाएगा। तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद एफडी की मूल राशि भी सीधे लाभार्थी के खाते में जमा कर दी जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों और नागरिकों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह पहल नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को आर्थिक संबल देने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और विश्वास का भाव मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

