जांजगीर-चांपा में 5 जुलाई से 30 अक्टूबर तक किसानों को मिलेगा सिंचाई का पानी

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जांजगीर-चांपा में 5 जुलाई से 30 अक्टूबर तक किसानों को मिलेगा सिंचाई का पानी


जांजगीर-चांपा, 19 जून (हि. स.)। खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर जिला जल उपयोगिता समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई व्यवस्था, खाद-बीज की उपलब्धता, नहरों की मरम्मत और किसानों तक अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने सर्वसम्मति से 5 जुलाई 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक नहरों के माध्यम से सिंचाई जल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

बैठक में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजीनियर सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू एवं राघवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, कृषक संगठनों के प्रतिनिधि, किसान तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान समिति के सचिव एवं कार्यपालन अभियंता, हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर ने हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत जल उपलब्धता की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा और रायगढ़ जिले के कुल 2 लाख 47 हजार 400 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खरीफ सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में बांध में 55.82 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है, जिसके आधार पर सिंचाई कार्यक्रम तैयार किया गया है।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बैठक में कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी और संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि अधिकतम किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरों के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कहीं भी जल वितरण में बाधा न आने पाए।

कलेक्टर ने कृषि विभाग, सहकारी बैंक और बीज निगम के अधिकारियों को खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा किसानों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि खाद की कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नहरों की मरम्मत और रखरखाव कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरम्मत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए। साथ ही जिन ठेकेदारों द्वारा कार्यों में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला प्रशासन का मानना है कि समय पर सिंचाई जल, खाद और बीज की उपलब्धता से खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा। जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों से जिले सहित हसदेव बांगो परियोजना से जुड़े अन्य जिलों के किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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