किसानों ने बस्तर सांसद से वास्तविक फसल नुकसान के अनुरूप सहायता देने की रखी मांग

WhatsApp Channel Join Now
किसानों ने बस्तर सांसद से वास्तविक फसल नुकसान के अनुरूप सहायता देने की रखी मांग


जगदलपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर जिले में चक्रवती तूफान के बाद हुई लगातार बारिश और इंद्रावती नदी में आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बकावंड और जगदलपुर ब्लॉक के कई गांवों में खेतों में खड़ी फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। कई खेतों में पानी के साथ मिट्टी और कीचड़ जमा हो गया, जिससे किसानों के सामने अब फसल नुकसान की भरपाई का संकट खड़ा हो गया है।

इसी समस्या को लेकर नदी किनारे के विभिन्न गांवों से किसान, सरपंच और जनपद सदस्य आज गुरूवार काे बस्तर सांसद महेश कश्यप से मिलने पहुंचे। किसानों ने मांग रखी कि उन्हें सिर्फ सामान्य राहत राशि के आधार पर मुआवजा न देकर वास्तविक फसल नुकसान के अनुरूप सहायता दी जाए।

किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने तक जुताई, बीज, खाद और दवाइयों समेत खेती में बड़ी रकम खर्च हो चुकी थी। ऐसे समय में बाढ़ ने तैयार फसल को बर्बाद कर दिया। किसानों ने मांग की है कि नुकसान का आकलन 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर को आधार मानकर किया जाए।नगरनार निवासी किसान घनश्याम सेठिया ने बताया कि उनकी करीब 26 एकड़ जमीन में से लगभग 19 एकड़ की फसल प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि प्रति एकड़ करीब 8 हजार रुपये की राहत राशि किसानों को हुए वास्तविक नुकसान की तुलना में पर्याप्त नहीं है।

किसानों ने कहा कि उनकी मांग को मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, कलेक्टर और प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। उनका कहना है कि मुआवजा ऐसा होना चाहिए जिससे खेती में लगाए गए खर्च और कर्ज की भरपाई हो सके और वे अगली फसल के लिए दोबारा खेती शुरू कर सकें।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बताया कि किसानों की मांग है कि उन्हें 21 क्विंटल धान खरीद के आधार पर मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपने कर्ज का भुगतान कर सकें और परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से भी सहायता दिलाने की मांग रखी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

Share this story