धमतरी : अस्पताल परिसर खुले में जलाई जा रही एक्सपायरी दवाइयां

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धमतरी : अस्पताल परिसर खुले में जलाई जा रही एक्सपायरी दवाइयां


धमतरी, 02 जनवरी (हि.स.)। जिला अस्पताल परिसर में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। दो जनवरी को जिला अस्पताल में खुले स्थान पर एक्सपायरी दवाइयों को जलाया जा रहा था। जिससे जहरीला धुंआ उठ रहा था जो मरीजों, अस्पताल के कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके साथ ही वार्डों से निकलने वाले गंदे पानी से नालियां जाम है। जिससे जलजनित बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

शुक्रवार को जिला अस्पताल के जैव अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में खुले में एक्सपायरी दवाइयों को जलाया जा रहा था। जिसमें से असहनीय गैस धुएं के रूप में निकल रही थी, साथ ही पटाखें की तरह फूट भी रही थी। जहां यह दवाइयां जल रही थी वहीं नजदीक में महिला एवं पुरुष वार्ड स्थित है। यहां कई मरीज उपचार के लिए भर्ती हैं। इस तरह खुले में दवाइयों को जलाने से पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है। बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों के तहत ऐसे कचरे का निस्तारण अधिकृत एजेंसी के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

जिला अस्पताल से मिली जानकारी अनुसार सभी वार्डों में कचरा संग्रहण करने के लिए अलग अलग रंग के डिब्बे रखे गए हैं। जिसमें बायो मेडिकल वेस्ट का संग्रहण कर जैव अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में रखा जाता है। इसके बाद अधिकृत एजेंसी एसएमएस के द्वारा एक्सपायरी दवाइयों और अन्य बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए बाहर ले जाते हैं। इसके बावजूद खुले में एक्सपायरी दवाइयां जलाई जा रही। जिससे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। जिला अस्पताल के महिला एवं पुरुष वार्ड के बाथरूम से निकलने वाले गंदे पानी की वजह से पूरी तरह नालियां जमा पड़ी हैं। जिससे गंदा पानी नाली से बाहर भी बह रहा है। गंदे पानी की बदबू से लोग परेशान हैं। कई दिनों से गंदा पानी जाम होने से मच्छर पनप रहे हैं। साथ ही जलजनित बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है।

जिला अस्पताल धमतरी के सलाहकार गिरीश कश्यप ने कहा कि जहां नालियां जाम होगी मोटर लगवाकर निकलवाएंगे। साथ ही निगम को जिला अस्पताल के बाहर की जाम नालियों की सफाई करने की मांग करेंगे। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा अरुण कुमार टोंडर ने बताया कि एक्सपायरी दवाइयों को वापस भेज देते हैं, जो जला रहे है वह कचरा और दवाइयों के पैकेट हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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