नियद नेल्लानार योजना से नारायणपुर के वनांचल गांव तक पहुंची बिजली
नारायणपुर, 12 जुलाई (हि.स.)। जिले के ग्राम मोहन्दी और मसपुर के लोग दशकों से लालटेन और ढिबरी की मध्यम रोशनी में जिंदगी गुजार रहे इन आदिवासी बाहुल्य गांवों में जब पहली बार बिजली का बल्ब जला, तो ग्रामीणों की आंखें खुशी से छलक उठीं।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत वनांचल के इन गांवों को रोशन करने के लिए सरकार ने ग्राम मोहन्दी में लगभग 61.79 लाख रूपये की लागत से तीनों पाराओं में बिजली का विस्तार किया गया, जिससे सीधे 40 परिवारों को पहली बार बिजली मिली। ग्राम मसपुर गुडरापारा 22.42 लाख रूपये की लागत से कार्य पूर्ण कर 5 परिवारों के घरों को विद्युत कनेक्शन से जोड़ा गया।
घने जंगलों, ऊंची पहाडिय़ों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा व बीचपारा और ग्राम मसपुर के गुडरापारा तक बिजली पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के दृढ़ संकल्प से कलेक्टर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की टीम और निर्माण एजेंसी एम/एस मां शारदा ने युद्धस्तर पर काम करते हुए समय-सीमा के भीतर इस चुनौतीपूर्ण विद्युत लाइन विस्तार कार्य को सफलता पूर्वक पूरा किया।
बिजली पहुंचने से वनांचल के इन गांवों में अब रात के अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी। बेहतर रोशनी मिलने से बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग, पंखे और अन्य आवश्यक बिजली उपकरणों के उपयोग से ग्रामीणों की दैनिक जीवनशैली बेहद सुगम हो गई है। बिजली की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों का संचालन अब बेहतर ढंग से हो सकेगा। ग्रामीणों में अब स्वरोजगार को लेकर नया उत्साह है। सिलाई, कुटीर उद्योग और छोटे व्यवसायों के शुरू होने से गांवों में आजीविका के नए साधन विकसित होंगे, ग्रामीणों ने आभार जताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

