अम्बिकापुर : एकलव्य विद्यालय में अव्यवस्था से नाराज छात्राएं निकलीं पैदल, प्रशासन ने पहुंचाया कलेक्टोरेट

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अम्बिकापुर : एकलव्य विद्यालय में अव्यवस्था से नाराज छात्राएं निकलीं पैदल, प्रशासन ने पहुंचाया कलेक्टोरेट


अम्बिकापुर : एकलव्य विद्यालय में अव्यवस्था से नाराज छात्राएं निकलीं पैदल, प्रशासन ने पहुंचाया कलेक्टोरेट


अम्बिकापुर, 07 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बतौली विकासखंड स्थित शिवपुर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राएं छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में सोमवार को पैदल ही जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के लिए निकल पड़ीं। करीब 30 किलोमीटर के सफर पर निकली छात्राओं को रास्ते में मनाने पहुंचे प्रशासनिक अमले ने जब देखा कि वे रुकने को तैयार नहीं हैं, तो उन्हें बीच रास्ते से बस में बैठाकर कलेक्टोरेट पहुंचाया गया। कलेक्टोरेट पहुंचकर छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

छात्राओं के अनुसार, छात्रावास में पिछले एक महीने से बिजली गुल है, जिससे उनकी दिनचर्या और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त भौतिकी (फिजिक्स) और रसायन (केमिस्ट्री) विषय के शिक्षकों द्वारा ठीक से न पढ़ाने और मेस में स्वच्छता की कमी का आरोप भी छात्राओं ने लगाया। स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतों के बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तब छात्राओं ने पैदल अम्बिकापुर जाकर सीधे कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखने का निर्णय लिया।

पैदल मार्च की सूचना मिलने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला समेत अन्य अधिकारी रास्ते में पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। छात्राओं के अड़े रहने पर प्रशासन ने आधे रास्ते से बसों की व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित कलेक्टोरेट परिसर पहुंचाया। सफर की थकान और गर्मी के कारण कलेक्टोरेट पहुंचते ही एक छात्रा की तबीयत भी बिगड़ गई।

कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि छात्रावास में मौजूद दो डीजी सेट केवल 3 से 4 घंटे ही आपातकालीन बैकअप दे पाते हैं, जिससे बिजली का संकट बना हुआ है। विद्युत आपूर्ति तत्काल बहाल करने के लिए CSPDCL को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही अतिथि शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता की समीक्षा और मेस की साफ-सफाई दुरुस्त करने के आदेश भी दिए गए हैं।

वहीं, मामले की सूचना पर पूर्व मंत्री व सीतापुर के पूर्व विधायक अमरजीत भगत भी कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने छात्राओं और अधिकारियों से बातचीत के बाद कहा कि शासन स्तर से आदिवासी छात्रावासों के लिए पर्याप्त बजट जारी किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों की अनदेखी के चलते बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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