50 प्रतिशत से कम रिजल्ट पर शिक्षा विभाग सख्त, 10 प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस

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50 प्रतिशत से कम रिजल्ट पर शिक्षा विभाग सख्त, 10 प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस


धमतरी, 31 मई (हि.स.)। जिले में बोर्ड परीक्षाओं के कमजोर परिणामों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 50 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले 10 विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शैक्षणिक गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सत्र 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणामों में जिले का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में कुछ बेहतर रहा है। कक्षा 10वीं में 76.18 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 84.18 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। इसके बावजूद कई विद्यालयों का परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर रहने पर प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। हाल ही में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। समीक्षा में सामने आया कि जिले के 10 विद्यालयों का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा। धमतरी विकासखंड के सोरम विद्यालय का परिणाम 47.37 प्रतिशत, दोनर का 44.74 प्रतिशत और बारना का 43.75 प्रतिशत दर्ज किया गया।

कुरूद विकासखंड के दहदहा विद्यालय ने 38.67 प्रतिशत तथा सेजेस हिंदी माध्यम ने 32.20 प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया। इसी प्रकार मगरलोड विकासखंड के सोनझरी विद्यालय का परिणाम 46.66 प्रतिशत, मोहरेंगा का 43.47 प्रतिशत और बिरझुली का 40.74 प्रतिशत रहा। नगरी विकासखंड के पीवीजीटीआरएस विद्यालय का परिणाम 42.86 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल देवपुर में कक्षा 10वीं का परिणाम 33.90 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का परिणाम 42.22 प्रतिशत रहा। दोनों कक्षाओं का संचालन एक ही प्राचार्य के अधीन होने के कारण विद्यालय को संयुक्त रूप से समीक्षा में शामिल किया गया।

समीक्षा बैठक में सभी विद्यालयों को कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने, नियमित मूल्यांकन करने तथा शैक्षणिक सुधार की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जायसवाल ने बताया कि 50 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरक परीक्षा में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी कराई जाएगी तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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