महतारी वंदन योजना में पहली बार ई-केवाईसी अनिवार्य
धमतरी जिले की 2.70 लाख महिलाओं का होगा सत्यापन, 30 जून तक चलेगा अभियान
धमतरी, 06 अप्रैल (हि.स.)। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पहली बार ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) को अनिवार्य किया गया है। योजना लागू होने के बाद यह पहला मौका है जब बड़े स्तर पर लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। यह विशेष अभियान 1 अप्रैल से 30 जून तक संचालित किया जा रहा है।
जिले में करीब 2 लाख 70 हजार पात्र महिला हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत महिलाओं को अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में जाकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया (अंगूठा या आंख की पहचान) के माध्यम से सत्यापन कराना होगा। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक, जीवित और पात्र हितग्राहियों को ही मिले।
ई-केवाईसी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में जनपद पंचायत कुरूद में आयोजित प्रशिक्षण में लगभग 100 सीएससी संचालक (वीएलई), महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण में तकनीकी पहलुओं, प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इससे पहले एक अप्रैल को धमतरी (ग्रामीण व शहरी) में प्रशिक्षण आयोजित हो चुका है।
ई-केवाईसी के लिए जरूरी दस्तावेज
ई-केवाईसी कराने के लिए हितग्राहियों को आधार नंबर, योजना में पंजीकृत मोबाइल नंबर दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा ।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि महतारी वंदन योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे। सभी महिलाओं से निर्धारित समयसीमा में अपना सत्यापन कराने की अपील की गई है, ताकि उन्हें मिलने वाली सहायता बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

