शिक्षा मंत्री के आश्वासन पर आधी रात खत्म हुआ छात्रों का आंदोलन
रायपुर, 26 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्रों का मंगलवार दोपहर से जारी प्रदर्शन रात 12 बजे के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद ही ख़त्म हुआ। 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया था ।
बताया गया है कि स्कूल में 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल 3 शिक्षक और 1 प्रिंसिपल ही तैनात थे। साइंस, कॉमर्स, मैथ्स और इंग्लिश की पढ़ाई पूरी तरह ठप थी। छात्रों की मांग थी कि स्कूल में कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए और वर्तमान प्रिंसिपल को तुरंत हटाया जाए। छात्रों ने बताया कि बहुत परेशानी होती है। आज तक शौचालय नहीं बना है। लड़की लोग भी खुले में जाते हैं, बहुत दूर जाना पड़ता है और पूरा झाड़ी के अंदर है।
मौके पर एसडीओपी , तहसीलदार, एसडीएम और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को समझाने की कोशिश की। मंगलवार दोपहर को शुरू हुआ यह प्रदर्शन रात तक चलता रहा। बच्चे स्कूल ड्रेस में ही तख्तियां थामे सड़क पर डटे रहे। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। लेकिन वे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद ही माने। मामला शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले का था, इसलिए उन्होंने खुद संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों के माध्यम से छात्रों से फोन पर सीधी बातचीत की और भरोसा दिलाया कि आपकी सभी 3 प्रमुख मांगों (शिक्षक, प्रिंसिपल को हटाना और टॉयलेट निर्माण) पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है, आप सभी बच्चे अब अपने घर लौटें। अधिकारियों के इस लिखित ऑर्डर और शिक्षा मंत्री के सीधे भरोसे के बाद ही छात्र-छात्राओं ने आधी रात को मुख्य मार्ग से जाम खत्म किया ।
जिला शिक्षा अधिकारी और मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने बयान दिया कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। स्कूल में तुरंत 4 नए शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है और अगले कुछ दिनों के भीतर 3 और वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाएगी। वर्तमान प्रिंसिपल को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश था। अधिकारियों ने छात्रों से कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वर्तमान प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है और स्कूल की कमान नए प्रभारी को सौंपी जा रही है।स्कूल परिसर का निरीक्षण करने पहुंचे स्थानीय तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों ने माना कि बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने बयान जारी किया कि स्कूल में शौचालय की समस्या को दूर करने के लिए जल्द से जल्द नए टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। रात के समय जब छात्र प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे, तब अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन बच्चों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और विभाग की ओर से इन सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने का ठोस लिखित आश्वासन (ऑर्डर कॉपी) छात्रों और उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया है।
छात्रों की मांग पर स्कूल में चल रही ओपन स्कूल व्यवस्था अगले सत्र से खत्म करने का फैसला लिया गया। प्राचार्य को भी हटा दिया गया है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है। हालांकि, छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की थी।
इसी समस्या को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त को भी प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि स्कूल में जल्द शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन 25 अगस्त तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को छात्र-छात्राएं दोबारा सड़क पर उतरें थे ।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

