नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटर को लेकर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में गंभीर फर्जीवाड़ा का लगाया आरोप

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नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटर को लेकर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में गंभीर फर्जीवाड़ा का लगाया आरोप


नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटर को लेकर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में गंभीर फर्जीवाड़ा का लगाया आरोप


रायपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि बंद घरों में भी यूनिटों का अंधाधुंध बढ़ना यह साबित करता है कि यह केवल सामान्य तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में किया गया गंभीर फर्जीवाड़ा है।

पत्र के साथ उन्होंने स्मार्ट मीटर के नाम पर प्रमाणित फर्जीवाड़ा का दस्तावेज सौंपा है।महंत ने इसे स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता की जेब पर खुला डाका करार दिया है। डॉ. महंत ने इसे महज एक सामान्य तकनीकी खराबी मानने से साफ इनकार किया है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर के सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में जानबूझकर गंभीर हेरफेर किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बिजली बिल का बोझ डाला जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि महंगाई की मार झेल रही जनता पर स्मार्ट मीटर दोहरा प्रहार है।

रविवार को लिखे और आज सोमवार को जारी पत्र में महंत ने तथाकथित स्मार्ट मीटरों में सामने आ रहे भारी फर्जीवाड़े और उपभोक्ताओं पर थोपे जा रहे बेतहाशा बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ कड़ा प्रतिकार दर्ज कराया है। महंत ने इसे स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता की जेब पर खुला डाका करार दिया है।उन्होंने कहा है कि बंद घरों में भी यूनिटों का अंधाधुंध बढ़ना यह साबित करता है कि यह केवल सामान्य तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में किया गया गंभीर फर्जीवाड़ा है।

डॉ. चरणदास महंत ने लिखा है कि कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्रदेश के जिलों और नगरीय निकायों में आनन-फानन में स्मार्ट मीटर थोप रही है। जब से ये मीटर लगे हैं, तब से आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल 2 से 4 गुना तक बढ़ चुके हैं। हजारों उपभोक्ताओं ने लिखित और प्रमाणित साक्ष्यों के साथ शिकायतें दर्ज कराई हैं। कई मामलों में तो उपभोक्ताओं ने घर के सारे उपकरण बंद रखकर भी मीटर की तेज रफ्तार रीडिंग को वीडियो व अन्य माध्यमों से प्रमाणित किया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि प्रदेश का गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पहले से ही कमरतोड़ महंगाई और बढ़ी हुई बिजली दरों से त्रस्त है। ऐसे में ‘पारदर्शिता’ का ढोंग रचकर स्मार्ट मीटरों के जरिए जनता पर फर्जी बिलों का असहनीय बोझ लाद दिया गया है। जब पीड़ित उपभोक्ता शिकायत लेकर जाते हैं तो बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारी गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाकर उन्हें टरका रहे हैं, विभाग का यह संवेदनहीन रुख असहनीय है।

डॉ. महंत ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभाव से टेस्टिंग शुल्क समाप्त नहीं किया और स्मार्ट मीटरों की लूट पर लगाम नहीं लगाई तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक के लिए राज्य में एक उग्र आंदोलन करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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