जांजगीर-चांपा में घर-घर कचरा संग्रहण से गांवों में जाग रही स्वच्छता की अलख, 30 अक्टूबर तक 68 पंचायतें होंगी कवर

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जांजगीर-चांपा में घर-घर कचरा संग्रहण से गांवों में जाग रही स्वच्छता की अलख, 30 अक्टूबर तक 68 पंचायतें होंगी कवर


जांजगीर-चांपा में घर-घर कचरा संग्रहण से गांवों में जाग रही स्वच्छता की अलख, 30 अक्टूबर तक 68 पंचायतें होंगी कवर


जांजगीर-चांपा, 10 अगस्त (हि स.)। जांजगीर-चांपा जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांवों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत घर-घर कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, नियमित उठाव और कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

सीईओ विनय कुमार पोयाम ने साेमवार काे बताया कि जिले की प्रत्येक जनपद पंचायत से एक ग्राम पंचायत का चयन कर 15 अगस्त तक उसे 100 प्रतिशत कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता गतिविधियों से कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। नवागढ़ से करमंदी, बलौदा से जुनाडीह, बम्हनीडीह से भागोडीह, अकलतरा से अमलीपाली और पामगढ़ से जोगीडीपा ग्राम पंचायत को प्राथमिकता दी गई है। इन ग्राम पंचायतों को स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 30 अक्टूबर तक जिले की 68 ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है।

अभियान के तहत ग्रामीणों को घर पर ही कचरे को चार श्रेणियों में अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गीला, सूखा, सेनेटरी और विशेष या खतरनाक कचरे का अलग-अलग संग्रहण किया जाएगा। इसके लिए चार रंगों के डिब्बों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा, लाल में सेनेटरी कचरा और काले डिब्बे में विशेष या खतरनाक कचरा रखा जाएगा। इससे कचरे को स्रोत स्तर पर अलग करने के साथ रिसाइक्लिंग और कम्पोस्टिंग को बढ़ावा मिलेगा।

चयनित ग्राम पंचायतों में हर घर से नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वच्छाग्रही दीदियां और कचरा संग्रहण दल निर्धारित व्यवस्था के अनुसार घर-घर जाकर कचरा एकत्र करेंगे। इसके साथ ग्रामीणों को खुले में कचरा नहीं फेंकने, कचरा अलग-अलग रखने और निर्धारित व्यवस्था के तहत नियमित रूप से कचरा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सतत बनाए रखने के लिए घर-घर यूजर चार्ज की व्यवस्था को भी प्रभावी किया जाएगा। ग्रामीणों को बताया जाएगा कि यूजर चार्ज स्वच्छता व्यवस्था को नियमित और आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गांवों में सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, नालियों और खाली स्थानों पर कचरा फेंकने तथा कचरा जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित करना है।

चयनित ग्राम पंचायतों में निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। समिति घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण, नियमित उठाव, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और प्लास्टिक के उपयोग पर रोक जैसी गतिविधियों की निगरानी करेगी। इस व्यवस्था में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिव, स्वच्छाग्रही दीदियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

अभियान के तहत चयनित ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कपड़े एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने और प्लास्टिक कचरे को अलग संग्रहित कर उचित निपटान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जिले में स्वच्छाग्रही दीदियां घर-घर कचरा संग्रहण के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम कर रही हैं। वे खुले में कचरा नहीं फेंकने, कचरे को अलग-अलग रखने, नियमित रूप से कचरा देने और गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों को लगातार प्रेरित कर रही हैं। इस पहल से गांवों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन और जनभागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है। अभियान का उद्देश्य गांवों में ऐसी स्थायी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करना है, जिसकी जिम्मेदारी ग्रामीण स्वयं संभालें और स्वच्छ गांव की अवधारणा को व्यवहार में उतार सकें।

हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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