नेत्रदान कर दो जिंदगियों में रोशनी की उम्मीद जगा गए डा प्रहलाद देवांगन

WhatsApp Channel Join Now
नेत्रदान कर दो जिंदगियों में रोशनी की उम्मीद जगा गए डा प्रहलाद देवांगन


नेत्रदान कर दो जिंदगियों में रोशनी की उम्मीद जगा गए डा प्रहलाद देवांगन


धमतरी, 14 सितंबर (हि.स.)। कुरुद के वरिष्ठ चिकित्सक स्व. डॉ. प्रहलाद देवांगन ने मृत्यु के बाद भी मानव सेवा की मिसाल कायम की। नंदनवार दवाखाना से जुड़े 72 वर्षीय डा देवांगन के निधन के बाद उनकी पूर्व में की गई नेत्रदान की घोषणा के अनुरूप परिवारजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान कराया। नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया जरूरतमंद दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी लाने का माध्यम बन सकेगा।

इस पुनीत कार्य में उनके पुत्र डॉ. मनीष राजा देवांगन, पुत्री डॉ. शिला रानी देवांगन और खंड चिकित्सा अधिकारी सिविल अस्पताल कुरुद डा हेमराज देवांगन का सहयोग रहा। जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व) डा राजेश सूर्यवंशी और जिला सहायक नोडल अधिकारी गुरुशरण साहू के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में नेत्रदान टीम ने प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान विकासखंड नेत्रदान अधिकारी लोमेश कुर्रे, विकासखंड नोडल अधिकारी (अंधत्व) क्षितिज साहू, बीपीएम रोहित पाण्डेय, वरिष्ठ वाहन चालक देवांगन और वार्ड बाय लोकेश उपस्थित रहे। डा प्रहलाद देवांगन के परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान कर समाज के सामने नेत्रदान का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका यह निर्णय मानवता और समाजसेवा की अनुकरणीय मिसाल बन गया है।

नेत्रदान एक महान मानवीय कार्य है:

जिला सहायक नोडल अधिकारी गुरुशरण साहू ने कहा कि नेत्रदान एक महान मानवीय कार्य है। इसके माध्यम से मृत्यु के बाद कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित लोगों को नई दृष्टि मिलने की उम्मीद जगती है। एक नेत्रदाता अपनी आंखों के कार्निया के माध्यम से दो कार्नियल अंधता से पीड़ित लोगों के जीवन में रोशनी ला सकता है। नेत्रदान में आंख के पारदर्शी अग्रभाग कार्निया का उपयोग प्रत्यारोपण के लिए किया जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Share this story