कोरिया : अस्पतालों में छापेमारी से खुली लापरवाही की पोल, डॉक्टर गायब, गंदगी पर फटकार
कोरिया, 25 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उस वक्त सवाल खड़े हो गए, जब कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बुधवार सुबह पोड़ी-बचरा और चिरमी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर और स्टाफ ड्यूटी से नदारद मिले, वहीं अस्पतालों में गंदगी और अव्यवस्था देखकर कलेक्टर ने मौके पर ही कड़ी नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोड़ी-बचरा में बीएमओ डॉ. बृजेश साहू, मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र सिंह और डॉ. रोहित शर्मा, फार्मासिस्ट धातेश्वर सिंह सराठिया तथा नेत्र सहायक रोशन कुमार अनुपस्थित पाए गए। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरमी में भी मेडिकल ऑफिसर डॉ. विक्रम निराला और स्टाफ नर्स चंदारानी गैरहाजिर मिले। इतने बड़े स्तर पर अनुपस्थिति ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जब कलेक्टर वार्डों में पहुंचीं तो वहां गंदे बेडशीट, अस्त-व्यस्त बिस्तर, भोजन स्थल पर फैली गंदगी और दवाइयों का अव्यवस्थित रखरखाव देखकर वे भड़क उठीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मरीजों के साथ इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई तय है।
कलेक्टर ने तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह को निर्देश दिए कि सभी अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए। साथ ही सीएमएचओ की जवाबदेही तय करते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।
अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो सीधे कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल वह जगह है जहां लोग भरोसे के साथ आते हैं, ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती शिशुवती महिलाओं से भी मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पहले बच्चे के लिए 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किश्तों में दी जाती है।
कलेक्टर ने अंत में स्पष्ट किया कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर उपस्थिति से ही मरीजों की आधी परेशानी खत्म हो जाती है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए कि नियमित जांच, उपचार और स्वच्छता सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

