जांजगीर-चांपा: बच्चों की सुरक्षा और बाल विवाह रोकथाम पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
जांजगीर-चांपा, 16 अक्टूबर (हि. स.)। जिले में बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला जांजगीर-चांपा प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ और एग्रीकॉन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आज किशोर सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत आयोजित यह कार्यशाला जिला पंचायत सभाकक्ष में संपन्न हुई।
कार्यशाला में बाल संरक्षण, दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा, सुरक्षित विद्यालय, बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण तथा बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम में ग्राम पंचायतों की सक्रिय भूमिका और ग्रामीण स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में किशोरों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के लिए जनजागरूकता और स्थानीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर बाल विवाह रोकथाम और सुरक्षित बचपन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायत कोटगढ़, मड़वा, अमोरा और बनारी के सरपंचों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले प्रतिनिधियों और युवोदय स्वयंसेवकों का भी सम्मान किया गया।
कार्यशाला में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और युवोदय स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

