तपती दोपहर में राहत: गन्ने का रस पिलाया, चिड़ियों के लिए सकोरे बांटे

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तपती दोपहर में राहत: गन्ने का रस पिलाया, चिड़ियों के लिए सकोरे बांटे


तपती दोपहर में राहत: गन्ने का रस पिलाया, चिड़ियों के लिए सकोरे बांटे


तपती दोपहर में राहत: गन्ने का रस पिलाया, चिड़ियों के लिए सकोरे बांटे


भारतीय जैन संघटना की सेवा पहल, राहगीरों व पक्षियों के लिए बनी सहारा

धमतरी, 12 अप्रैल (हि.स.)। भीषण गर्मी के बीच शहर के रत्नाबांधा रोड पर भारतीय जैन संघटना द्वारा रविवार को सेवा पहल का आयोजन किया गया। इस दौरान राहगीरों को ठंडा गन्ने का रस पिलाया गया और पक्षियों के लिए सकोरे (जल पात्र) वितरित किए गए, जिससे इंसानों के साथ-साथ जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया।

कई घंटों तक चले इस सेवा अभियान में पैदल यात्री, साइकिल सवार, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक बड़ी संख्या में शामिल हुए। तपती धूप में राहत पाने के लिए लोग रुककर गन्ने का रस पीते नजर आए। आयोजन के दौरान करीब 550 राहगीरों को गन्ने का रस पिलाया गया, जबकि 300 सकोरे वितरित किए गए।

गन्ने का रस सरला पारख के सौजन्य से तथा सकोरे राजकुमारी पारख के सहयोग से उपलब्ध कराए गए। राहगीरों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी के बीच ठंडा गन्ने का रस उन्हें तुरंत ताजगी और ऊर्जा प्रदान कर गया। वहीं, सकोरा वितरण को लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति जिम्मेदारी का प्रेरणादायक कदम बताया। कार्यक्रम की खास बात बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। बड़ी संख्या में शामिल बच्चों ने प्रतिदिन चिड़ियों के लिए पानी रखने का संकल्प लिया। पालकों ने भी प्रसन्नता जताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में बचपन से ही दया, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। इस सेवा कार्य में सरला पारख, सुषमा चोपड़ा, शिमला पारख, राजकुमारी पारख, गौरी लोढा, शशि गोलछा, अंजू लोढा, मंजू लुंकड़, संगीता गोलछा, अंजू गोलछा और डॉ. सरिता दोशी सहित कई लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपनी सेवाएं दीं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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