कोरिया : डीजीपी अरुणदेव गौतम ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर नौगई हत्याकांड को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

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कोरिया : डीजीपी अरुणदेव गौतम ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर नौगई हत्याकांड को बताया दुर्भाग्यपूर्ण


कोरिया, 05 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुणदेव गौतम पदभार संभालने के बाद पहली बार रविवार को कोरिया जिले के दौरे पर पहुंचे। कोरिया से डीजीपी का बेहद खास और पुराना रिश्ता रहा है, क्योंकि बतौर पुलिस अधीक्षक (एसपी) उनकी पहली पोस्टिंग इसी जिले में हुई थी।

अपने पुराने कार्यक्षेत्र को याद करते हुए भावुक अंदाज में डीजीपी गौतम ने कहा कि लंबे समय बाद अपने पहले जिले में आकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है। इस दौरान उन्होंने जिले के बुनियादी ढांचे में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना भी की। हालांकि, जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नौगई में हुए तिहरे हत्याकांड पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गौरतलब है कि बीती 16 जून की रात नौगई में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सहित तीन लोगों की कार में जिंदा जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

इस दौरे के दौरान डीजीपी अरुणदेव गौतम ने रक्षित केंद्र में पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधियों पर दंडात्मक कार्रवाई करना ही नहीं है, बल्कि आम जनता के भीतर सुरक्षा का विश्वास कायम करना भी है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक बेहतर और उत्तरदायी पुलिसिंग के लिए जनसहयोग और पुलिस के बीच मजबूत समन्वय का होना अनिवार्य है।

हाल ही में हुए चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड पर अपनी बात रखते हुए डीजीपी ने कहा कि कोरिया हमेशा से एक बेहद शांत और सामाजिक सौहार्द वाला जिला रहा है, इसलिए इस तरह की हिंसक वारदात यहाँ की मूल प्रकृति के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक में अब तक हुई पुलिस विवेचना की बारीकी से जानकारी ली गई है और वर्तमान जांच की प्रगति पूरी तरह संतोषजनक है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस मामले में कोई नए तथ्य या आरोप-प्रत्यारोप सामने आते हैं, तो राज्य सरकार पहले ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि जिले की शांतिप्रिय पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

समीक्षा बैठक के दौरान महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि कुमार कुर्रे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुरेशा चौबे सहित जिले के तमाम डीएसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। डीजीपी ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों को अत्यंत संवेदनशील, जवाबदेह और जनहित को प्राथमिकता देने वाली पुलिसिंग करने के निर्देश दिए।

दौरे के अंत में डीजीपी ने आम नागरिकों से भी जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने एक कड़वी सच्चाई को स्वीकार करते हुए कहा कि पुलिस हर समय और हर स्थान पर भौतिक रूप से मौजूद नहीं रह सकती। इसलिए, समाज के प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, सतर्कता और सहभागिता ही कोरिया जिले में स्थायी शांति और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित कर सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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