भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण में तेजी लाने उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री के कड़े निर्देश
निर्माण कार्यो की धीमी प्रगति पर उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री ने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति जताई नाराजगी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने की समीक्षा
रायपुर, 21 सितंबर (हि.स.)। स्वदेश दर्शन योजना के तहत लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के सभी प्रोजेक्ट की प्रगति की आज साेमवार काे उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कबीरधाम के जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चलने पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने हर 15 दिन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 15 दिन में कार्य की प्रगति निर्माण स्थल पर दिखाई देनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। ठेकेदार एजेंसियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध की शर्तों के तहत ब्लैक लिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्धारित अवधि के बाद निर्माण स्थल पर उसका परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमसी की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने को कहा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 09 माह हो चुके हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चल रहे हैं। मंत्री अग्रवाल ने सभी ठेकेदारों को पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार को कार्य से पृथक करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, विदेशीराम धुर्वे, संतोष पटेल, लोकचंद साहू, नंद श्रीवास सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-उपस्थित थे।
भोरमदेव मार्ग और आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का चिन्हांकन कर सख्त कार्रवाई के साथ अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश तहसीलदार को दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन किया जाए और यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार उसे तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई उपयुक्त शासकीय भूमि का सुव्यवस्थित उपयोग पार्किंग सहित अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल

