पति के निधन के बाद नहीं टूटा कुसुम का हौसला, सक्षम योजना ने फिर संवारा ईंट व्यवसाय
धमतरी, 22 अगस्त (हि.स.)। पति के निधन के बाद ग्राम लोहरसी की कुसुम शर्मा के सामने परिवार की जिम्मेदारी के साथ आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया था। पति के ईंट व्यवसाय को संभालने का उन्हें अनुभव नहीं था और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त पूंजी भी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे कठिन समय में महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनी।
योजना की जानकारी मिलने के बाद कुसुम ने आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर आवेदन किया। जुलाई माह में उन्हें योजना के तहत दो लाख रुपये का ऋण मिला। ऋण प्राप्त होने के बाद उन्होंने व्यवसाय से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण लिया और धीरे-धीरे पति के छोड़े हुए ईंट व्यवसाय को स्वयं संभालना शुरू किया।
कुसुम बताती हैं कि शुरुआत में व्यवसाय की बारीकियों को समझना और आर्थिक संसाधनों का प्रबंधन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और कुछ कर गुजरने के मजबूत संकल्प ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। आज वह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं और इससे होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को पहले की तुलना में बेहतर बनाया है। कुसुम के लिए सक्षम योजना महज आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर बनी है। उनका कहना है कि महिलाओं को सही समय पर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले तो वे परिवार के साथ समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को शुभकामनाएं देते हुए कुसुम शर्मा ने उन्हें अपना ‘भैया’ बताते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित शासन की योजनाएं उनके जैसी महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आई हैं। कुसुम की कहानी इस बात की प्रेरक मिसाल है कि हौसले को शासन की योजनाओं का साथ मिल जाए तो विपरीत परिस्थितियां भी आत्मनिर्भरता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

