पीओपी की मूर्तियों पर प्रतिबंध के पालन की मांग, उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर को सौंपा आवेदन
धमतरी, 02 सितंबर (हि.स.)। प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियों के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर प्रतिबंध का प्रभावी पालन कराने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ मूर्तिकार चित्रकार संघ ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है।
संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार सोनवानी ने आज बुधवार को कलेक्टर, एसडीएम, नगर निगम आयुक्त एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव को आवेदन सौंपकर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की। संघ का कहना है कि पीओपी से बनी मूर्तियों के विसर्जन के बाद जल स्रोतों में प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसे देखते हुए प्राकृतिक मिट्टी एवं पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देना जरूरी है। आवेदन में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा समय-समय पर जारी मूर्ति निर्माण एवं विसर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
संघ ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम सहित पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए जिले में पीओपी की मूर्तियों के निर्माण, भंडारण और विक्रय की जांच कराने की मांग की है। संघ ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था लागू आदेशों और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करते पाई जाती है तो उसके खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। संघ का कहना है कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में मूर्तियों का विसर्जन होता है, ऐसे में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। प्राकृतिक मिट्टी से बनी मूर्तियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन भी कायम किया जा सकता है।
आवेदन सौंपने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष देवानंद साहू, संरक्षक रामस्वरूप कुंभकार, दिलीप चक्रधारी, रोहित कुमार मेश्राम, जिला अध्यक्ष राजकुमार सोनवानी, उपाध्यक्ष बिरबल साहू, सचिव सोहन लाल प्रजापति, कोषाध्यक्ष खिलेश कुंभकार, सह सचिव जागेश्वर चक्रधारी सहित संघ के अन्य सदस्य मौजूद रहे। संघ ने प्रशासन से समय रहते जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जिले में पर्यावरण अनुकूल मूर्ति निर्माण एवं विसर्जन की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

