सूरजपुर : साइबर कॉप अभियान में 40 हजार से अधिक लोगों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर थाना-चौकी प्रभारी सम्मानित
सूरजपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सूरजपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर कॉप जनजागरूकता महाअभियान के तहत जिलेभर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान, जानकारी में बताया गया कि आज 15 जुलाई को जिले के 171 स्थानों पर 40 हजार से अधिक नागरिकों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शासकीय कर्मचारियों और अन्य लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने स्वयं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर पहुंचकर छात्राओं और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी, बैंक खाते, एटीएम या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की। साथ ही साइबर अपराध होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया।
जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान साइबर ठगी के नए तरीकों, सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में अपराध डिजिटल माध्यमों से किए जा रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और तकनीकी जानकारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि साइबर कॉप अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा का जिम्मेदार प्रहरी बनाना है।
सूरजपुर पुलिस ने लोगों से किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन के झांसे में नहीं आने की अपील की है। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। अभियान में निरीक्षक जावेद मियादाद की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अभियान में सर्वाधिक लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाने पर चौकी बसदेई को प्रथम, थाना झिलमिली को द्वितीय और चौकी लटोरी को तृतीय स्थान मिला। डीआईजी एवं एसएसपी ने संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारियों को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

