कोरबा में साइबर चौपाल और रक्तदान शिविर, SP सिद्धार्थ तिवारी ने किया रक्तदान; 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी
कोरबा, 02 अक्टूबर (हि. स.)। साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने और सामाजिक सरोकार से जोड़ने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस की ओर से नगर निगम सभागार में आज शुक्रवार काे साइबर चौपाल एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी नागरिकों को दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्वयं रक्तदान कर लोगों को मानव सेवा के लिए आगे आने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने स्वयं रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा है। किसी भी व्यक्ति को अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है और समय पर किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आम नागरिकों, युवाओं और पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी ने भी रक्तदान किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के इस पहल से शिविर में मौजूद पुलिसकर्मियों और नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है।
साइबर चौपाल के दौरान नागरिकों को ऑनलाइन ठगी और बढ़ते साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, किसी के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या यूपीआई से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। इसके अलावा अनजान मोबाइल एप डाउनलोड करने से बचने और फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सतर्क रहने की अपील की गई।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध होने की स्थिति में पीड़ित को घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि शुरुआती समय में शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने या उसकी रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से कोरबा पुलिस ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। पुलिस ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही ऑनलाइन ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
साइबर जागरूकता के साथ आयोजित रक्तदान शिविर ने कार्यक्रम को सामाजिक सेवा से भी जोड़ा। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नागरिकों ने भी रक्तदान के महत्व को समझा। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

