सीएसईबी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता के कथित बयान पर मचा बवाल, निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग

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सीएसईबी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता के कथित बयान पर मचा बवाल, निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग


कोरबा, 19 जुलाई (हि. स.)। सीएसईबी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पाण्डेय के कथित धमकीपूर्ण बयान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश पंकज ने रविवार काे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कलेक्टर कोरबा के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

राकेश पंकज ने अपने ज्ञापन में कहा है कि वायरल वीडियो में अतिरिक्त मुख्य अभियंता का कथित बयान एक जिम्मेदार लोकसेवक की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि ऐसे बयान से आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण बनता है तथा शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में वीडियो और कथित बयान सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई भी की जाए।

ज्ञापन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) के प्रबंध निदेशक एसके कटियार की प्रशासनिक जवाबदेही की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। राकेश पंकज का कहना है कि कंपनी में पूर्व में भी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि शासन और कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास कायम रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को भी भेजी गई है।

अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार

विवाद बढ़ने के बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पाण्डेय ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मेरी बातों को संदर्भ से हटाकर और गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। मेरा किसी को धमकाने या आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कोई इरादा नहीं था। मैंने ऐसा कोई शब्द नहीं कहा, जैसा सोशल मीडिया में प्रचारित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि संबंधित बैठक लगभग 30 मिनट तक चली, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उनके अनुसार बैठक का माहौल सामान्य था और पूरी बातचीत के केवल एक छोटे हिस्से को अलग करके वायरल कर दिया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल मामले में शिकायतकर्ता गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि अतिरिक्त मुख्य अभियंता सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। ऐसे में अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो और कथित बयान की वास्तविकता क्या है।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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