नल से आया गंदा पानी, पीलिया-टाइफाइड की चपेट में बनियापारा वार्ड
धमतरी, 09 अगस्त (हि.स.)। नगर निगम क्षेत्र के बनियापारा वार्ड स्थित शिव चौक में दूषित पेयजल की समस्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नलों से आने वाले बदबूदार और मटमैले पानी के उपयोग के बाद क्षेत्र में पीलिया और टाइफाइड के मामले सामने आए हैं। लगभग दो दर्जन से अधिक लोग बीमारी की चपेट में हैं। कई परिवारों में एक ही घर के दो-दो सदस्य बीमार हैं। कोई अस्पताल में उपचार करा रहा है तो कोई घर पर ही बीमारी से जूझ रहा है। नगर निगम व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है।
बनियापारा वार्ड में पीलिया और टाइफाइड का मामला आया है। मामला सामने आने के बाद पेयजल पाइपलाइन की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वार्डवासियों के अनुसार शिव चौक क्षेत्र में नालियों के ऊपर से गुजरी पेयजल पाइपलाइन पुरानी और जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान पाइपलाइन में लीकेज होने से नाली का गंदा पानी पेयजल में मिलकर लोगों के घरों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
वार्डवासी ज्योति सोनी, संगीता दुबे एवं सौरभ पंसारी ने बताया कि गंदे पानी की समस्या नई नहीं है। इसकी जानकारी पहले ही वार्ड पार्षद और नगर निगम को दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते पाइपलाइन की जांच और लीकेज सुधारने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वार्डवासियों ने मांग की कि जर्जर पाइपलाइन की तत्काल जांच कर लीकेज को सुधारा जाए। प्रभावित क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और पीलिया-टाइफाइड से बीमार लोगों की जांच व उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पीलिया फैलने की शिकायत के बाद रविवार को नगर निगम के महापौर रामू रोहरा ने बनियापारा वार्ड पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार से नगर निगम द्वारा पाइपलाइन में लीकेज तलाशने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाएगा। लीकेज मिलने पर आवश्यक सुधार कार्य किया जाएगा और पीलिया से राहत दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। महापौर ने लोगों से आगामी कुछ दिनों तक पानी उबालकर पीने और आवश्यक एहतियात बरतने की अपील की।
जिला अस्पताल में पीलिया-डायरिया के मरीज बढ़े
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन चार से पांच मरीज पीलिया और पांच से सात मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। महिला आईपीडी वार्ड के आरक्षित 34 बेड में से 33 पर मरीज भर्ती हैं, वहीं पुरुष आईपीडी वार्ड के 34 बेड में से 28 पर मरीजों का उपचार चल रहा है। पीलिया और डायरिया के अलावा एनीमिया, उल्टी-दस्त, बीपी, शुगर, पेट दर्द और सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों से भी अस्पताल पर दबाव बना हुआ है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डा. तेजस शाह ने बताया कि पीलिया व डायरिया के मरीजों की जांच कर स्थिति के अनुसार उपचार किया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से बारिश के मौसम में खानपान और स्वच्छता का विशेष ध्यान देने की सलाह दी। साथ ही गरम भोजन और पानी उबालकर पीने की भी अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

